पटना नगर निगम मार्च से खरीदेगा ई-कचरा
मनीष कुमार, पटना। डिजिटल उपकरणों की बढ़ती खपत के साथ ही इसके पर्यावरण के अनुकूल निस्तारण की भी चुनौती बढ़ गई है। राजधानी में ई-कचरा की मात्रा में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हर वर्ष दर्ज की जा रही है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैटरी, चार्जर, टीवी, प्रिंटर सहित अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों के खराब या अनुपयोगी हो जाने से यह समस्या लगातार बढ़ रही है।
शहर में बढ़ते इलेक्ट्रानिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण और पुनर्चक्रण को सुनिश्चित करने के लिए पटना नगर निगम (पीएमसी) मार्च से ई-कचरा खरीदने की नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया जारी है, जो फरवरी में पूरी कर ली जाएगी। शहरवासियों के घर-घर जाकर ई-कचरा का क्रय किया जाएगा।
पटना नगर निगम ई-कचरा खरीदने वाला राज्य का पहला नगर निकाय बन जाएगा। ई-कचरे में मुख्य रूप से आइटी एवं संचार उपकरण शामिल हैं। कबाड़ में ई-कचरा देने पर उसका सही से निस्तारण नहीं होता है, जिससे पर्यावरण एवं मानव दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ई-कचरे की कीमत तय करने को लेकर मंथन चल रहा है। योजना के पहले चरण में नगर निगम द्वारा जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
नागरिकों को उचित मूल्य मिल सके और वे इलेक्ट्रानिक उपकरणों के अनुपयोगी हिस्सों को सुरक्षित तरीके से निस्तारित करने के लिए प्रोत्साहित हों। लोगों को ई-कचरे के नुकसान, उसके पुनर्चक्रण के लाभ और सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। ई-कचरा पर जागरूकता और संग्रहण पहल के तहत एजेंसी चयन एवं नीतिगत निर्णय को नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में स्वीकृति मिल चुकी है।
आम नागरिकों को ई-कचरे के प्रति जागरूक करने, ब्रांड मालिकों की जिम्मेदारी तय करने तथा संग्रहण और पुनर्चक्रण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी चयन का प्रस्ताव सशक्त स्थायी समिति के समक्ष रखा गया था। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि इस योजना के लागू होने से शहर में ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
राज्यभर में 141 ई-कचरा संग्रहण केंद्र
वर्तमान में अधिकृत केंद्रों के माध्यम से ई-कचरे के संग्रह और निस्तारण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) ने राज्य भर में 141 ई-कचरा संग्रहण केंद्र चिह्नित किए हैं, जिनमें से 61 पटना में हैं। यहां नागरिक ई-कचरा जमा कर सकते हैं। इसके लिए बीएसपीसीबी की वेबसाइट (bspcb.bihar.gov.in) पर जाकर ई-कचरा संग्रह केंद्र (ई-वेस्ट कलेक्शन प्वाइंट) की जानकारी ले सकते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बिहार में 2021-22 में 41.07 मिलियन टन ई-कचरे का संग्रहण और निस्तारण किया गया।
ई-कचरा प्रबंधन से पर्यावरण और स्वास्थ्य की सुरक्षा
नगर निगम के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ अरविंद कुमार ने बताया कि ई-कचरा प्रबंधन से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा होती है, क्योंकि यह शीशा, पारा और कैडमियम जैसे खतरनाक तत्वों के मिट्टी, जल और हवा में फैलाव को रोकता है। इसके माध्यम से सोना, चांदी, तांबा जैसे बहुमूल्य धातुओं और अन्य कच्चे माल की पुनर्प्राप्ति संभव है। पुनर्चक्रण में नए उपकरण निर्माण की तुलना में कम ऊर्जा लगती है और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटता है। |