आयुष्मान कार्ड बनाने की आईडी लेकर गायब हो गए हैं ऑपरेटर। फोटो: सांकेतिक
मदन पांचाल, गाजियाबाद। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार बेहद गंभीर है। लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिये विशेष अभियान संचालित किये जा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते ऑपरेटर इस योजना की प्रगति में बाधक बन रहे हैं।
आलम यह है कि आयुष्मान कार्ड बनाने की आईडी लेकर प्रदेश के 89,791 ऑपरेटर आराम फरमा रहे हैं। शासन स्तर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 89,791 ऑपरेटर सक्रिय नहीं हैं। यह स्थिति तब है जबकि स्वास्थ्य विभाग के अलावा प्रशासन स्तर से आयुष्मान योजना की मासिक समीक्षा की जाती है।
कार्ड बनाने को लेकर खूब प्रचार प्रसार किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत कुल 1,14,553 ऑपरेटर की आईडी संचालित हैं। एक से 11 फरवरी 2026 तक केवल 24,762 ऑपरेटर सक्रिय मिले। जिनके द्वारा कुल 2,54,084 आयुष्मान कार्ड बनाने का अनुरोध दर्ज किया गया।
रिपोर्ट में पता चला है कि 89,791 ऑपरेटर आयुष्मान कार्ड अभियान में सक्रिय रूप से भाग नहीं ले रहे हैं। समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार 11 फरवरी 2026 को कुल 36,876 आयुष्मान कार्ड आवेदन केवल 9,041 ऑपरेटरों द्वारा किए गए, जबकि शेष ऑपरेटर सक्रिय नहीं रहे।
गाजियाबाद में 1251 में से 223,गौतमबुद्ध नगर में 1138 में से 28 और हापुड़ में 1024 के सापेक्ष 131 ऑपरेटर ही सक्रिय मिले हैं। इस संबंध में शासन स्तर से सभी जिलों के सीएमओ को शत प्रतिशत ऑपरेटर्स को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही जिन लाभार्थियों के कार्ड नहीं बने हैं उनके कार्ड बनाने को लेकर अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उधर इस संबंध में आयुष्मान योजना के गाजियाबाद के नोडल डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि निष्क्रिय आईडी को सक्रिय कराया जाएगा। लाभार्थियों के कार्ड बनाने को लेकर गांव-गांव अभियान चलाया जा रहा है।
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