धरने पर बैठे वकील
जागरण संवाददाता, रामपुर। जिला पंचायत कार्यालय में दिनदहाड़े अधिवक्ता फारुख अहमद खां की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दो दिन बाद भी कार्रवाई न होने पर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। अधिवक्ता सड़क पर उतर आए। कचहरी से जुलूस निकाला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर आंबेडकर पार्क के पास पहुंचे। यहां चक्का जाम कर दिया।
डीएम-एसपी से वार्ता बेनतीजा रही। साढ़े छह घंटे के बाद शाम को धरना समाप्त करने हुए अधिवक्ताओं ने सोमवार से कोसी पुल (दिल्ली-बरेली बाइपास) पर चक्का जाम करने का एलान किया है। अधिवक्ता फारुख की हत्या की घटना बुधवार दिन की है। अधिवक्ता की पत्नी गोसिया जिला पंचायत में क्लर्क हैं।
आरोप है कि जिला पंचायत में ही स्थापना पटल पर क्लर्क असगर अली ने अधिवक्ता की पत्नी से अभद्रता की थी। पत्नी के फोन करने पर अधिवक्ता फारुख अपने साथी को लेकर जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। यहां उनका क्लर्क से विवाद के बाद मारपीट हुई। जिसके बाद क्लर्क ने अपने लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।
पेट में गोली लगने से क्लर्क भी घायल हो गया था। इस घटना के बाद से ही अधिवक्ताओं में आक्रोश है। वे पहले दिन से घटना में हत्यारोपितों को गिरफ्तार करने और इस मामले में सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी की भूमिका को हत्यारोपित की मददगार मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
गुरुवार देर शाम तक उनकी मांग पूरी न होने पर बार एसोसिएशन की ओर से निर्णय लिया गया, जिसमें शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की घोषणा की गई। साथ ही प्रदेश की अन्य बार एसोसिएशन और तहसील बार एसोसिएशन से सहयोग मांगा गया। शुक्रवार को तयशुदा कार्यक्रम के तहत अधिवक्ता बार भवन के सामने एकत्र हुए।
यहां से बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी और महासचिव मोहम्मद उस्मान खां के नेतृत्व में जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट आए। कचहरी चौराहा होते हुए एसपी आवास के सामने रुककर नारेबाजी की। इसके बाद जिला पंचायत कार्यालय के सामने नारेबाजी की। वे अधिवक्ता के हत्यारे को फांसी दो, सिविल लाइंस इंस्पेक्टर हाय-हाय, पुलिस प्रशासन हाय-हाय आदि नारे लगा रहे थे।
नारेबाजी करते हुए सभी आंबेडकर पार्क के सामने (शहर के अंदर से गुजरे दिल्ली-बरेली हाईवे) पहुंचे और हाईवे पर जाम लगा दिया। रिक्शा में लाउडस्पीकर लगाकर दिन भर यहां अधिवक्ता अपनी नाराजगी जताते हुए नारेबाजी करते रहे। इस दौरान उनसे बात करने डीएम अजय कुमार द्विवेदी और एसपी विद्या सागर मिश्र भी पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने उन्हें मनाने का प्रयास किया। लेकिन अधिवक्ता नहीं मानें।
मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने का निर्णय लिया। इसके बाद हाईवे पर दरी बिछाकर अधिवक्ता धरने पर बैठ गए। शाम साढ़े छह बजे तक धरनास्थल पर अधिवक्ता अपनी बात रखते रहे। शाम लगभग साढ़े छह बजे अंधेरा होने पर अधिवक्ताओं ने धरना दो दिन के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी और महासचिव मोहम्मद उस्मान खां ने बताया कि डीएम और एसपी के साथ वार्ता हुई। उनका कहना है कि वे उच्चाधिकारियों से बात करके हमारी मांगों पर निर्णय लेंगे। अब दो दिन का अवकाश है, इसलिए धरना स्थगित किया गया है। दो दिन बाद सोमवार को कोसी पुल जीरो प्वाइंट पर हाईवे जाम किया जाएगा। इसमें अन्य जिलों के बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। यह चक्का जाम प्रदेश स्तर का होगा।
इस दौरान उत्तर प्रदेश बार कौंसिल चुनाव में सदस्य पद के प्रत्याशी और कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी, बार कौंसिल चुनाव में प्रत्याशी रहे मोहित बजाज भी धरनास्थल पर पहुंचे। एसपी ने बताया कि अधिवक्ता पहले दिन से सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं। जांच में इंस्पेक्टर की लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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