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मेयर ऑफिस से बाहर आते सीनियरिटी मेयर बलबीर सिंह बिट्टू और डिप्टी मेयर मलकीत सिंह।
जागरण संवाददाता, जालंधर। नगर निगम की फाइनेंस एंड कांट्रैक्ट कमेटी की बैठक शुरू होने से पहले ही टेंडर प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हाई मास्ट लाइट के टेंडर में ज्यादा लेस की बजाय कम लेस वाले ठेकेदार को ठेका दिए जाने के आरोपों ने माहौल गरमा दिया।
सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर सिंह बिट्टू और डिप्टी मेयर मलकीत सिंह ने बैठक से पहले मेयर से मुलाकात कर कुछ टेंडरों पर चर्चा करने की इच्छा जताई। उनका कहना था कि कुछ मामलों में गड़बड़ी की आशंका है और संबंधित ठेकेदारों को भी मेयर से मिलवाना चाहते थे।
बताया जा रहा है कि मेयर ने इस विषय पर चर्चा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों उपमेयरों ने फाइनेंस एंड कांट्रैक्ट कमेटी की बैठक में शामिल होने से मना कर दिया और मेयर कार्यालय छोड़कर अपने-अपने कक्ष में चले गए।
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निगम को नुकसान का आरोप
बलबीर सिंह बिट्टू और मलकीत सिंह ने आरोप लगाया कि चहेते ठेकेदारों को कम लेस पर ठेके देकर नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि ज्यादा लेस देने वाले को ठेका न देकर कम लेस वाले को काम सौंपा जाता है तो इससे निगम के राजस्व को सीधा नुकसान होता है।
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निष्पक्ष जांच की मांग उठी
दोनों नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए।
इस घटनाक्रम के बाद निगम की कार्यप्रणाली और टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बैठक से पहले ही उत्पन्न इस विवाद ने शहर की सियासत को गर्मा दिया है। अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और जांच की मांग पर क्या कार्रवाई होती है।
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