मुंगेर में बिना नक्शा पास कराए बन रहा है घर।
संवाद सूत्र, मुंगेर। नगर निगम क्षेत्र में हर दिन आवासीय और वाणिज्यिक भवनों का निर्माण जारी है। शहर के लगभग सभी 45 वार्डों में कहीं न कहीं मकान बनते नजर आ रहे हैं। लेकिन इस निर्माण बूम के बीच एक बड़ा सवाल उठ रहा है: क्या ये भवन नियमों के तहत और स्वीकृत नक्शे के अनुसार बन रहे हैं?
उपलब्ध आंकड़े स्थिति को चिंताजनक बताते हैं। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक़, वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 66 लोगों ने भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराया था। इसके बाद 2024-25 में यह संख्या घटकर 46 रह गई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनवरी तक महज 19 लोगों ने ही नक्शा स्वीकृत कराया है। यह गिरावट तब सामने आई है जब शहर में निर्माण कार्यों की रफ्तार कम नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अधिकांश निर्माण बिना नक्शा स्वीकृति के हो रहे हैं।
पहले नहीं थे वास्तुविद, अब नियुक्ति
पूर्व में मुंगेर नगर निगम में वास्तुविद की नियुक्ति न होने के कारण नक्शा पास कराने की प्रक्रिया पटना से होती थी। इससे लोगों को परेशानी और प्रक्रिया में देरी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए दिसंबर 2025 में मृत्युंजय कुमार को मुंगेर नगर निगम में वास्तुविद के रूप में नियुक्त किया गया, ताकि स्थानीय स्तर पर ही नक्शे को स्वीकृति दी जा सके।उम्मीद की जा रही थी कि इससे नक्शा पास कराने वालों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन आंकड़े इसके विपरीत गिरावट दर्शा रहे हैं।
भूकंप अतिसंवेदनशील जोन में आता है मुंगेर
नगर निगम क्षेत्र भूकंप के अतिसंवेदनशील जोन-चार में आता है। ऐसे में बिना स्वीकृत नक्शे और तकनीकी मानकों के भवन निर्माण भविष्य में बड़ी आपदा का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भवन निर्माण में मानकों की अनदेखी जान-माल की हानि का कारण बन सकती है।
- शहर के हर क्षेत्र में हर दिन चल रहा निर्माण
- स्थानीय वास्तुविद की नियुक्ति के बावजूद आंकड़ों में गिरावट
- नगर आयुक्त ने कहा बिना नक्शा निर्माण पर होगी कार्रवाई
- 45 वार्ड हैं मुंगेर नगर निगम क्षेत्र में
- 2025 से नक्शा पास कराने का आंकड़ा गिरा
- 2025-26 में अब तक 19 नक्शा ही हुआ पास
- 2023-24 में 66 लोगों ने पास कराया था नक्शा
नगर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने वालों का सर्वे किया जाएगा और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गृहस्वामियों से अपील की गई है कि वे जल्द नगर निगम कार्यालय से संपर्क कर अपने भवन का नक्शा स्वीकृत कराएं।
बढ़ रही होल्डिंग की संख्या
वहीं, होल्डिंग टैक्स देने वालों की संख्या में हर साल बढ़ोतरी हो रही है, जिससे निगम की आय में इजाफा हो रहा है। लेकिन नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में अपेक्षित वृद्धि न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब यह देखना होगा कि नगर निगम की सख्ती के बाद स्थिति में कितना सुधार आता है और निर्माण कार्य कितने नियमों के दायरे में लाए जा पाते हैं। |
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