प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, रायबरेली। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत सर्वे में मिले 36118 संदिग्ध डाटा की जांच के लिए जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाई गई है। टीम में 72 अधिकारियों को रखा गया है। ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) की ओर से 97 हजार आठ सौ 72 जरूरतमंदों के आवास के लिए सर्वे किया गया।
ग्रामीण आवास योजना दूसरा चरण चल रहा है। इसके तहत आवास सर्वे की जांच का काम पूरा हो गया है। लाभार्थियों को आवास बनाने के लिए एक लाख 20 हजार की धनराशि दी जाएगी जो तीन किस्तों में मिलेगी। सर्वेयर ने सर्वे का सत्यापन किया।
इसके बाद उसी सत्यापन की चेकर्स से जांच कराई गई। दोनों की जांच में अंतर पाया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में संदिग्ध डाटा पाया गया। इसके सत्यापन के लिए जिलास्तरीय व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाई गई जो प्रत्येक सर्वे की गहराई से जांच करेगी।
18 ब्लॉक में 72 अधिकारी तैनात किए गए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में दो जिला व दो ब्लॉक स्तरीय अधिकारी लगाए गए हैं। ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी के मातहत टीम बनाई गई है, जबकि जिलास्तरीय टीम में सभी विभागाध्यक्ष को लगाया गया है। टीम ने जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट पीडी डीआरडीए के अनुमोदन के बाद भारत सरकार को भेज दी जाएगी।
36118 सर्वे की जांच के लिए जिलास्तरीय व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को लगाया गया है। टीम ने सत्यापन शुरु कर दिया है। सभी को निर्देशित किया गया है कि एक-एक संदिग्ध सर्वे की गहनता से जांच कर, जल्द रिपोर्ट दें।
सतीश चंद्र, परियोजना निदेशक, डीआरडीए, रायबरेली |
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