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सिल्ली में सियासी बवाल: रात के अंधेरे में विधायक ने किया शिलान्यास, JMM नेता बोले- कोर्ट जाएंगे

deltin33 2025-12-30 21:27:34 views 1181
  

रात में गार्डवाल का शिलान्यास किये जाने पर विवाद।



संवाद सहयोगी, अनगड़ा (रांची)। झारखंड के सिल्ली विधानसभा क्षेत्र में विकास योजनाओं को लेकर अब सियासी घमासान छिड़ गया है। ताजा विवाद बरवादाग पंचायत के जिंतूपीढ़ी गांव में एक गार्डवाल के शिलान्यास को लेकर है।  

सिल्ली विधायक अमित कुमार द्वारा सोमवार की देर रात किए गए इस शिलान्यास पर स्थानीय झामुमो नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे नियमों का उल्लंघन और \“अपनों को उपकृत\“ करने का जरिया बताया है।
रात में पत्थर गाड़ने का आरोप

जिंतुपीढ़ी के ग्रामप्रधान सह वरिष्ठ झामुमो नेता अमित सिंह मुंडा उर्फ गडाम ने इस शिलान्यास पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि विधायक ने देर रात बिना किसी पूर्व सूचना और बिना किसी सार्वजनिक जानकारी के गुटीकोचा नाला के पास गार्डवाल का शिलान्यास कर दिया। बता दें विधायक भी झारखंड मुक्ति मोर्चा से ही हैं।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
JMM नेता के गंभीर आरोप

रिश्तेदारों को फायदा: गडाम का आरोप है कि विधायक ने अपने रिश्तेदारों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस योजना को स्वीकृति दी है।

ग्रामसभा की अनदेखी: उन्होंने दावा किया कि इस योजना के लिए ग्रामसभा की कोई अनुमति नहीं ली गई है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान है।

कोर्ट जाने की चेतावनी: झामुमो नेता ने इसे सरकारी राशि का दुरुपयोग करार देते हुए मामले को अदालत तक ले जाने की बात कही है।  
विधायक गुट की सफाई: विकास में कोई बाधा नहीं

दूसरी ओर आरोपों पर सफाई देते हुए झामुमो के अनगड़ा प्रखंड अध्यक्ष रिझुवा मुंडा ने विधायक का बचाव किया। उन्होंने कहा कि विधायक निधि की योजनाओं के लिए ग्रामसभा की अनुमति की कानूनी अनिवार्यता नहीं होती।
विधायक पक्ष का तर्क

  • जनता की मांग: स्थानीय लोगों ने खुद आवेदन देकर गार्डवाल की जरूरत बताई थी।
  • जरूरी था निर्माण: गुटीकोचा नाला के पास संतोष महतो और ललित महतो के घर के बीच मिट्टी कटाव रोकने के लिए गार्डवाल की सख्त जरूरत थी।
  • विकास प्राथमिकता: विधायक का लक्ष्य सामूहिक प्रयास से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास करना है, इसमें कोई राजनीति नहीं है।

क्यों गरमाई है राजनीति?

ग्रामीण इलाकों में शिलान्यास का समय (देर रात) और स्थानीय ग्राम प्रधान को भरोसे में न लेना अब चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ जहां विधायक इसे जनहित बता रहे हैं, वहीं विपक्षी खेमा इसे \“अंधेरे का खेल\“ बताकर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। इस पर आजसू नेताओं का कहना है यह जेएमएम में ही आपस में मलाई बांटने की लड़ाई है।
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