deltin33 • 2025-12-28 02:27:33 • views 572
मेहरौली के पास से होकर गुजरती एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का दृश्य। जागरण आर्काइव
विनीत कुमार, गाजियाबाद। गाजियाबाद में वाहन चालकों के लिए सड़कें जल्द ही डिजिटल स्पीड अलर्ट सिस्टम से लैस होंगी। यातायात पुलिस ने गूगल के साथ समन्वय कर जिले से गुजरने वाले प्रमुख मार्गों की गति सीमा (स्पीड लिमिट) साझा करने की योजना बनाई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
गति सीमा की सूची तैयार कराई जा रही
इसका उद्देश्य यह है कि वाहन चालक सफर के दौरान जब गूगल मैप का इस्तेमाल करें तो उन्हें रियल-टाइम यह जानकारी मिल सके कि जिस मार्ग पर वह चल रहे हैं, वहां अधिकतम गति सीमा कितनी तय है। पुलिस अधिकारी गूगल के प्रतिनिधियों से बात कर इसे लागू कराएंगे। उससे पहले जिले में मार्गवार गति सीमा की सूची तैयार कराई जा रही है।
गति सीमा को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी
जिले से गुजरने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई), ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई), एनएच-9, जीटी रोड, दिल्ली-मेरठ रोड, हापुड़ रोड सहित अन्य मुख्य सड़कों पर वाहनों की सामान्य गति सीमा को गूगल प्लेटफार्म के साथ साझा किया जाएगा। इससे न केवल तेज रफ्तार पर अंकुश लगेगा, बल्कि चालकों में निर्धारित गति सीमा को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी।
भारी वाहनों की अधिकतम रफ्तार 60
गाजियाबाद से गुजरने वाले मार्गों में हल्के वाहनों के लिए सबसे अधिक गति सीमा ईपीई पर 120 किमी, भारी वाहनों के लिए 100 किमी निर्धारित है, जबकि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहन 100 किमी एवं भारी वाहन 80 किमी और एनएच-9 पर हल्के वाहन 80 किमी तथा भारी वाहन 60 की अधिकतम रफ्तार से चल सकते हैं।
कोहरे के कारण गति सीमा कम रखने की एडवाइजरी
सर्दी के मौसम और कोहरे की चुनौतियों को देखते हुए यातायात पुलिस ने 15 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक के लिये विशेष एडवाइजरी लागू कर रखी है। इस अवधि में डीएमई, ईपीई और एनएच-9 पर भारी वाहनों की गति 40 किमी प्रति घंटा और हल्के वाहनों की गति 60 किमी प्रति घंटा रखने की सलाह जारी की गई है। यह एडवाइजरी घने कोहरे के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने और दृश्यता कम होने पर सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिये लागू की गई है।
“तकनीक के जरिये सड़क सुरक्षा को मजबूत करना समय की जरूरत है। गाजियाबाद के मार्गों की गति सीमा को गूगल के साथ साझा करने से चालकों को स्पष्ट स्पीड अलर्ट मिलेगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। सड़कों पर सुरक्षित यातायात की दिशा में यह पहल कारगर साबित हाेगी।“
-आलोक प्रियदर्शी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त
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