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Bhopal Metro: इंदौर मॉडल पर होगी भोपाल मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था, 110 पूर्व सैनिक संभालेंगे मोर्चा

Chikheang 2025-12-20 18:07:44 views 1235
  

ट्रायल रन के दौरान भोपाल मेट्रो।  



डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी भोपाल में शनिवार यानी आज से मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत होने जा रही है। मेट्रो परिचालन से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। इंदौर मेट्रो की तर्ज पर भोपाल मेट्रो स्टेशनों और परिसरों की सुरक्षा अब पूर्व सैनिकों के जिम्मे रहेगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
110 पूर्व जवानों की तैनाती, आठ स्टेशनों पर सुरक्षा घेरा

शुरुआती चरण में उत्तर प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से 110 पूर्व जवानों की तैनाती की जा रही है। ये सभी पूर्व सैनिक पहले चरण में संचालित होने वाले आठ मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। अनुशासन, सतर्कता और आपात स्थितियों से निपटने के लंबे अनुभव को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।

पूर्व सैनिक स्टेशन परिसर, प्रवेश-निकास द्वार, प्लेटफार्म, टिकट काउंटर और पार्किंग क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। इसके साथ ही सीसीटीवी निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
मजबूत सुरक्षा पर जोर

अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो संचालन के साथ यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ेगी। ऐसे में शुरुआत से ही मजबूत और भरोसेमंद सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। भविष्य में जैसे-जैसे मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होगा और नई लाइनें जुड़ेंगी, वैसे-वैसे सुरक्षा बल में भी वृद्धि की जाएगी और अधिक पूर्व सैनिकों को तैनाती का अवसर मिलेगा।
मेट्रो सेवा से भोपाल को मिलेगी नई पहचान

देश के दिल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को मेट्रो सेवा के रूप में एक नई पहचान मिलने जा रही है। 30.8 किलोमीटर लंबी यह अत्याधुनिक परियोजना शहर को तेज, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा प्रदान करेगी। मेट्रो में दो कॉरीडोर—ऑरेंज लाइन (16.74 किमी) और ब्लू लाइन (14.16 किमी)—सहित एक डिपो शामिल है। यह परियोजना यातायात दबाव को कम करने के साथ नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी।

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पहला चरण : प्रायोरिटी कॉरीडोर

भोपाल मेट्रो के पहले चरण में ऑरेंज लाइन का ‘प्रायोरिटी कॉरीडोर’ शुरू किया जा रहा है। करीब 7 किलोमीटर लंबे इस खंड में 8 एलिवेटेड स्टेशन एम्स, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस, रानी कमलापति स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहा, केन्द्रीय विद्यालय और सुभाष नगर शामिल हैं। यह कॉरीडोर शहर के व्यस्त इलाकों में यातायात को आसान बनाएगा और प्रदूषण घटाने में सहायक होगा।
10 हजार करोड़ की परियोजना

भोपाल मेट्रो परियोजना की कुल अनुमानित लागत 10,033 करोड़ रुपये है। इसमें प्रायोरिटी कॉरीडोर पर 2,225 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस कॉरीडोर पर प्रतिदिन करीब 3,000 यात्रियों के सफर करने का अनुमान है।

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भोपाल मेट्रो की खासियतें

  • सभी स्टेशनों पर हाई-स्पीड लिफ्ट और एस्केलेटर।
  • दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर सुविधा और ब्रेल साइनेज।
  • AI आधारित सीसीटीवी, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और ग्रेड-4 सिग्नलिंग सिस्टम।
  • रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग और सोलर पावर से पर्यावरण संरक्षण।  
  • पूरी तरह एसी कोच, आरामदायक सीटें और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट।  
  • ऑडियो-विजुअल यात्री सूचना प्रणाली और हाई-टेक ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर।  
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