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प्रदूषण करने के लिए गुरुग्राम की पहल, वर्ष 2026 में 300 सड़कों को धूलमुक्त बनाने का लक्ष्य

deltin33 2025-12-19 14:37:31 views 767
  

गुरुग्राम में वर्ष 2026 में 300 सड़कों को धूलमुक्त बनाने का लक्ष्य।



जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। शहर में प्रदूषण घटाने को लेकर वर्ष 2026 में 300 सड़कों को धूलमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 3500 किलोमीटर सड़कों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

निगम कार्यालय में हुई इस बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक कार्य योजना विस्तार से चर्चा हुई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह योजना केंद्र सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है। योजना में परिवहन, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियां, सड़क धूल नियंत्रण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, हरित आवरण बढ़ाने और जन-जागरूकता जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

योजना के तहत शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। ई-बसों और सीएनजी बसों की संख्या बढ़ाने, नए ईवी चार्जिंग स्टेशन तथा बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी।
सड़कों का होगा पुनर्विकास

सड़क धूल को वायु प्रदूषण का बड़ा कारण मानते हुए मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों, पानी के छिड़काव, एंटी-स्माग गन तथा सड़कों के पुनर्विकास की विस्तृत योजना बनाई गई है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए कड़े प्रविधान किए गए हैं। बसई स्थित सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में मलबे के निपटान और पुन: उपयोग की व्यवस्था की गई है। नए प्रसंस्करण संयंत्रों की योजना भी प्रस्तावित है, जिससे अवैध डंपिंग पर रोक लगेगी।
डंप साइट प्रबंधन किया जाएगा

बंधवाड़ी डंप साइट पर पड़े लगभग 16 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) के निपटान के लिए चरणबद्ध योजना बनाई गई है। लक्ष्य है कि मार्च 2028 तक डंप साइट को पूरी तरह साफ किया जाए और आधुनिक कचरा प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित की जाए।
एयर क्वालिटी मानीटरिंग सिस्टम की संख्या बढ़ेगी

बैठक में एयर क्वालिटी मानीटरिंग सिस्टम की संख्या बढ़ाने, सभी विभागों को समन्वय से काम करने, सड़कों की बेहतर सफाई तथा सीएंडडी वेस्ट, बागवानी वेस्ट, धूल-मिट्टी उठाने संबंधी निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए। बैठक में जीएमडीए, एचएसवीपी, पुलिस, एचएसपीसीबी, पीडब्ल्यूडी, जीएमसीबीएल व नगर निगम के अधिकारीगण उपस्थित थे।
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