LHC0088 • 2025-12-18 17:36:55 • views 1256
कश्मीर अपराध शाखा की इस कार्रवाई के बाद पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद है।
जागरण संवाददाता,श्रीनगर। कश्मीर अपराध शाखा (सीबीके) की आर्थिक अपराध विंग (ईओडब्ल्यू) ने सरकारी नौकरी दिलाने के झूठे वादे से जुड़े धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के मामले में वीरवार को आरोपपत्र दाखिल कर दिया है।
अधिकारियों ने यह जानकारी दी। आईपीसी की धारा 420 और 120-बी के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 08/2024 में दर्ज आरोपपत्र को न्यायिक निर्णय के लिए बुडगाम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रस्तुत कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला एक लिखित शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुपवाड़ा जिले के जीरहामा निवासी मोहम्मद अयूब भट की बेटी इशरत बानो ने शिकायतकर्ता को अपने पति द्वारा सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा दावा करके उससे 11 लाख रुपये ठग लिए। इस आश्वासन पर भरोसा करके शिकायतकर्ता ने राशि एक बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
न तो नौकरी मिली और न ही पैसा वापस किया
बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद न तो नौकरी मिली और न ही पैसा वापस किया गया।शिकायत मिलने के बाद श्रीनगर स्थित ईओडब्ल्यू ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि यह धनराशि कुपवाड़ा जिले के ज़ीरहामा/लिदरवान निवासी गुलजार अहमद पुत्र शमस दीन वानी बैंक खाते में जमा की गई थी।
जांचकर्ताओं ने आगे पाया कि गुलज़ार अहमद वानी और इशरत बानो के बीच पति-पत्नी का कोई संबंध नहीं था, जिससे इस लेन-देन के पीछे साजिश और धोखाधड़ी का इरादा उजागर हुआ।जांच में प्रथम दृष्टया दोनों आरोपियों की धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश में संलिप्तता साबित हुई। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद, आरोप सही पाए गए, जिसके परिणामस्वरूप आगे की न्यायिक कार्यवाही के लिए सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। |
|