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फाजिल्का से चंडीगढ़ सीधी ट्रेन न होने का मुद्दा लोकसभा में उठा, सांसद घुबाया ने रेलमंत्री के सामने रखी मांग

deltin33 2025-12-18 17:36:53 views 623
  

फिरोजपुर से सांसद शेर सिंह घुबाया।  



जागरण संवाददाता, फाजिल्का। लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बॉर्डर राज्यों से राजधानी चंडीगढ़ के लिए सीधी रेल सेवा ना होने का मुद्दा उठाया है। इसे फिरोजपुर से सांसद शेर सिंह घुबाया ने उठाया और रेल मंत्री को इस पर जल्द विचार करने के लिए भी कहा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

सांसद घुबाया ने खास तौर पर सीमावर्ती जिला फाजिल्का से पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ तक सीधी रेल सेवा न होने का मुद्दा प्रमुखता से रखा। सांसद घुबाया ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है और उन्होंने इसे तीसरी बार संसद में उठाया है।

इस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए सदन में इस पर विचार करने का आश्वासन दिया।

पाकिस्तान से सटा जिला है फाजिल्का

सांसद शेर सिंह घुबाया ने कहा कि फाजिल्का समेत सीमावर्ती जिलों का लगभग 200 किलोमीटर क्षेत्र पाकिस्तान बॉर्डर से सटा हुआ है, जहां देश की सुरक्षा के लिए बीएसएफ और सेना की तैनाती रहती है। इसके बावजूद इन इलाकों में लंबी दूरी की ट्रेनों की भारी कमी है।

उन्होंने कहा कि फाजिल्का जैसे जिले से पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ के लिए आज तक कोई सीधी ट्रेन नहीं है, जो यहां के लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है।

व्यापारी परेशान, जेब पर पड़ रहा अतिरिक्त बोझ

उन्होंने बताया कि व्यापार के सिलसिले में दिल्ली और चंडीगढ़ जाने वाले व्यापारियों को मजबूरी में निजी वाहनों या महंगी बस सेवाओं का सहारा लेना पड़ता है। इसके चलते लोगों को एक तरफ का सफर तय करने के लिए 500 से 700 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।

आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। सांसद ने यह भी कहा कि फाजिल्का जिला हाल ही में बाढ़ जैसी गंभीर परिस्थितियों से गुजर चुका है, ऐसे में रेलवे विभाग को इस क्षेत्र के लोगों को राहत देने के लिए चंडीगढ़ के अलावा लंबी दूरी की अन्य ट्रेनों का भी संचालन करना चाहिए।

स्टूडेंट्स व नौकरीपेशा परेशान हैं

सांसद घुबाया ने बताया कि इस रूट पर रेल सेवा न होने का सबसे ज्यादा असर विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक कार्यों के लिए बड़ी संख्या में लोगों को चंडीगढ़ आना-जाना पड़ता है, लेकिन ट्रेन सुविधा न होने के कारण उन्हें महंगी निजी बसों और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए चंडीगढ़ जाने वाले छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार बसों का किराया इतना अधिक होता है कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए नियमित यात्रा करना मुश्किल हो जाता है।

लोकसभा में मंत्री ने दिया अश्वासन

उधर, केंद्रीय रेल मंत्री ने सदन में सांसद शेर सिंह घुबाया को आश्वस्त किया कि उनकी मांग को लिखित रूप में दर्ज कर लिया गया है और इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। अब सीमावर्ती जिले फाजिल्का के लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही चंडीगढ़ के लिए सीधी रेल सेवा शुरू होने से उन्हें राहत मिलेगी।
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