cy520520 • 2025-12-17 13:36:34 • views 1098
उपभोक्ता विवाद निपटारे में पटना आयोग का शानदार प्रदर्शन
जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी स्थित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग उपभोक्ता विवाद निवारण में देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आयोगों में शामिल रहा है। आयोग ने इस वर्ष अब तक 1000 से अधिक मामलों का निपटारा किया है और सभी मामलों को ई-जागृति पोर्टल पर अपलोड किया गया है। साथ ही 2025 में उपभोक्ताओं को करीब 4.5 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। हर वर्ष 24 दिसंबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर नई दिल्ली के भारत मंडप में \“डिजिटल जस्टिस के ज़रिए कुशल और तेज़ निपटारा\“ विषय पर राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इसमें विवाद निपटारा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। इसमें बिहार भी शामिल है। यह जानकारी उपभोक्ता मामले विभाग के अनुपम मिश्रा ने पत्र के द्वारा पटना जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा को दी है।
बताते चलें कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 को 20 जुलाई 2020 से लागू किया गया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों (डीसीडीआरसी) की भूमिका अहम रही है।
इसी कड़ी में उपभोक्ता मामले विभाग ने वर्ष 2025 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले जिला आयोगों की सराहना करने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में भी पटना आयोग ने 750 से अधिक मामलों का निपटारा किया था। देश भर में 650 से अधिक आयोग कार्यरत हैं, जिनमें पटना आयोग उन चुनिंदा आयोगों में शामिल है जिसने सर्वाधिक मामलों का निस्तारण किया। बिहार के 38 जिला उपभोक्ता आयोगों में भी पटना पहले स्थान पर रहा।
मानव संसाधन और ढांचे की कमी के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन
पिछले दो वर्षों से पटना डीसीडीआरसी में कोई स्थायी अध्यक्ष नहीं हैं और तीन वर्षों से महिला सदस्य का पद रिक्त है। वर्तमान में केवल पुरुष सदस्य रजनीश कुमार स्थायी रूप से कार्यरत हैं।
जहानाबाद आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा पटना के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, साथ ही वे नालंदा के अध्यक्ष का भी प्रभार देख रहे हैं।
पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर, कर्मचारियों की कमी और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव के बावजूद, पटना आयोग ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में अपनी कार्यकुशलता का उदाहरण पेश किया है।
कोर्ट की सुनवाई और रात्रिकालीन समय में कार्यालय सुरक्षा के लिए एसएसपी पटना से कई बार अनुरोध और फॉलो-अप के बावजूद अब तक सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं हो सकी है, जो एक गंभीर प्रशासनिक चुनौती बनी हुई है। |
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