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Mokama Election 2025: दुलारचंद के गांव में वोटाें का न कोई गणित और न कोई समीकरण, सब कुछ फटाफट

deltin33 2025-11-6 18:37:20 views 862
  

दुलारचंद यादव की हत्या और अनंत सिंह को जेल



भुवनेश्वर वात्स्यायन, तारतर (पटना)। Bihar assembly elections phase 1 voting दुलारचंद यादव की हत्या और अनंत सिंह को जेल। सामने बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी और फिर अनंत सिंह के लिए केद्रीय मंत्री ललन सिंह का मुरेठा बांधना। इन सब वाकयों के बीच मोकामा विधानसभा क्षेत्र पहले चरण के मतदान में चर्चा का विषय बना रहा है। मोकामा में हम दुलारचंद यादव के गांव तारतर में लगभग एक घंटे रहे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

तारतर में 12 टोले हैं। एक लेन की सड़क के किनारे खेत में बने विद्यालय पर तीन बूथ थे। तीनों बूथ पर वोटराें की लंबी कतार। वोट की गति यह थी की 12.24 बजे तक तीनों बूथों पर 40 फीसद से अधिक वोट डाले जा चुके थे। एक बूथ पर तो 46 प्रतिशत तक मतदान हाे चुका था।
कोई समीकरण या गणित नहीं बस कुछ पहले से तय

तारतर में वोटिंग को लगी लाइन में लगे वोटरों से जब बात हुई तो उन लोगों ने कहा कि हम कोई गणित पर वोट नहीं कर रहे है। हमारा तो पहले से तय है। तारतर में यादव और धानुक जाति के वोटर मुख्य रूप से हैं। दुलारचंद की हत्या के बाद ध्रुवीकरण और तेज दिखने लगा है। यह भी नोटिस लिए जाने की बात है कि दुलारचंद यादव कई वर्षों से बाढ में रह रहे थे।
एनडीए के लिए पोलिंग एजेंट नहीं मिला तारतर में

समीकरण की बात स्पष्ट तौर पर नहीं थी तारतर में पर यह भी दिखा कि मध्य विद्यालय के तीन बूथों पर एनडीए का कोई पोलिंग एजेंट नहीं दिखा। राजद और जनसुराज के पोलिंग एजेंट जरूर बैठे थे। पूछने पर कहा- कोई आया ही नहीं।
नदी किनारे पेड़ की छांह ही बना था कंट्रोल रूम

तारतर में मुहाने नदी है। अभी इसका पाट काफी चौड़ा है। तारतर के मध्य विद्यालय स्थित बूथ से कुछ पहले ही वोटरों के लिए कंट्रोल रूम काम कर रहा था। एक जमात ताश के पत्ते में सक्रिय थी और एक बड़ा समूह आने-जाने वाले वोटरों से बात कर रहा था।
महिलाओं ने कहा जाे काम करेगा उसको देंगे

तारतर में महिलाओं की लंबी कतार थी। हमने कई महिलाओं से वोट का आधार पूछा। एक वृद्धा ने कहा कि जो काम करेगा उसी को न देंगे। दस हजार मिला कि नहीं यह पूछे जाने पर कहा कि अभी खाता चेक नहीं किए हैं। एक महिला ने कहा बच्चा पढ़ रहा स्कूल में यही देख रहे है।
विकास के नाम पर स्कूल पहुंचने के लिए खेत में जाना मजबूरी

विकास के बारे में पूछे जाने पर वोटरों ने कहा कि जिस स्कूल में बूथ हैं वहां बच्चे खेत से गुजरकर पहुंचते हैं। नए बने एनएच से उतरकर जो सड़क टाल में पहुंचती है वह जर्जर हो गयी है। एक एथेनाल फैक्ट्री लगी है। वहीं मछली मारकर उसे सुखाकर कोलकाता भेजा जा रहा। खेती ही आर्थिकी का मुख्य जरिया है।
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