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मिग-21 से राफेल तक... दुश्मनों के छुड़ाए छक्के, पाकिस्तान को भी बोलना पड़ा था झूठ; स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह की कहानी

Chikheang 2025-10-29 22:37:13 views 1261
  

स्क्वाड्रन लीडर शिवानी सिंह की कहानी



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बुधवार 29 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरियाणा के अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सिंह के साथ राफेल में उड़ान भी भरी। बता दें सिंह वहीं लड़ाकू पायलट हैं जिन्हें लेकर \“ऑपरेशन सिंदूर\“ के दौरान पाकिस्तान ने झूठा दावा किया था। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह भारतीय महिला लड़ाकू पायलटों के दूसरे बैच का हिस्सा हैं। साथ ही वह फ्रांस द्वारा बनाए गये नये राफेल लड़ाकू विमान को उड़ाने वाली पहली महिला पायलट हैं।
शिवांगी राफेल उड़ाने वाली पहली महिला पायलट

शिवानी सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ है। अभी वो हरियाणा के अंबाला में तैनात 17वें स्क्वाड्रन, \“गोल्डन एरोज\“ का हिस्सा हैं। सिंह इतिहास में एक ऐसी पायलट के रूप में भी दर्ज होंगी जिन्हें पकड़ने को लेकर पाकिस्तान ने झूठ बोला था। पाकिस्तानी ने \“ऑपरेशन सिंदू\“ के दौरान दावा किया गया था कि सिंह के राफेल को मार गिराया गया और उन्हें बंदी बना लिया गया है।

भारत सरकार ने पाकिस्तान के इस झूठे दावे को 10 मई को ही खारिज कर दिया था। लेकिन बुधवार दोपहर स्क्वाड्रन लीडर सिंह द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ फोटो खिंचवाने के बाद इन दावों पर पूरी तरह से विराम लग गया। इस दावे को और मजबूती दी उनके पीछे खड़े राफेल विमान ने।
मिग-21 से राफेल तक का सफर

स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह का राफेल कॉकपिट तक का सफर आठ साल पहले भारतीय वायु सेना में कमीशन मिलने के साथ शुरू हुआ था। सिंह का ये सफर गहन शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने घंटों हवाई युद्ध की रणनीति और लड़ाकू विमानों के इंजीनियरिंग पर गहन अध्ययन किया। साल 2017 में वायुसेना से कमीशन मिलने के बाद सिंह ने अपना पहला लड़ाकू विमान मिग-21 बाइसन उड़ाया। हालांकि मिग-21 अब भारतीय वायु सेना का हिस्सा नहीं है। 6 सितंबर 2025 को उसे सेवानिवृत्त कर दिया गया और उनकी जगह राफेल को नियुक्त किया गया।
विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान से सिंह का कनेक्शन

साल 2017 में जब सिंह राजस्थान के सीमावर्ती बेस पर ट्रेनिंग ले रही थीं उस दौरान उन्होंने तत्कालीन विंग कमांडर (वर्तमान ग्रुप कैप्टन) अभिनंदन वर्धमान के साथ उड़ान भरी थी। बता दें अभिनंदन वर्धमान साल 2019 में \“बालाकोट एयर स्ट्राइक\“ के हीरो रहे थे।  

ग्रुप कैप्टन ने 27 फरवरी को एयर स्ट्राइक में अमेरिका द्वारा निर्मित एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान एफ-16, को मिग-21 से मार गिराया था। यह बालाकोट हवाई हमले के दौरान हुआ था, जो 13 दिन पहले पुलवामा आतंकवादी हमले के लिए भारत की सैन्य प्रतिक्रिया थी।

दुर्भाग्यवश इस हवाई युद्ध के दौरान उनका विमान पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए कश्मीर के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके कारण उन्हें दुश्मन के नियंत्रण वाले क्षेत्र में उतरना पड़ा। इस दौरान उन्हें पकड़ लिया गया और लगभग 60 घंटे दुश्मन केकब्जे में बिताने पड़े। अंततः भारत के भारी दबाव के कारण पाकिस्तान को उन्हें रिहा करना पड़ा।
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