search

हिमाचल: स्कूल में दाखिले से पहले बच्चे की परीक्षा नहीं ले सकेंगे, शारीरिक दंड दिया तो इस नंबर पर करें शिकायत

Chikheang 2025-10-19 16:37:27 views 1264
  

प्री प्राइमरी स्कूल में दाखिले के लिए बच्चों की परीक्षा नहीं ली जा सकेगी। प्रतीकात्मक फोटो  



राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूल प्री प्राइमरी (नर्सरी) कक्षाओं में दाखिले के लिए बच्चों की लिखित व मौखिक परीक्षा नहीं ले सकेंगे। दाखिला देते समय कोई भी भेदभाव छात्रों के साथ नहीं होगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस संबंध स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं।
विभाग ने कहा है कि यदि कोई नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
विभाग ने बनाए नए नियम, फाइल मंजूरी को भेजी

हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा केंद्र (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2017 में इसका पहले से प्रविधान है। विभाग ने अब इसके लिए नए नियम बनाए हैं। इसकी फाइल मंजूरी के लिए सरकार को भेजी है।  
कानूनी राय के बाद जारी होगी अधिसूचना

सूत्रों के अनुसार सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इसकी फाइल विधि विभाग को भेजी है। कानूनी राय आने के बाद इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्रेच, प्ले स्कूल, डे-केयर सेंटर, केजी, नर्सरी स्कूल या बालबाड़ी जैसी सभी प्रारंभिक शिक्षा संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य है।  
बच्चों के समग्र विकास और सुरक्षा पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव

विभाग के निदेशक डा. पंकज ललित ने बताया कि सोलन जिले से शिकायत आई थी कि कई स्कूल इस अधिनियम के प्रविधानों का पालन किए बिना ईसीसीई केंद्र चला रहे हैं। इससे तीन से छह वर्ष के बच्चों के समग्र विकास और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसको लेकर उन्हें भी हिदायत दी है।
बच्चों को शारीरिक दंड नहीं दे पाएंगे

संस्थान बच्चों को किसी भी तरह का शारीरिक दंड नहीं दे पाएंगे। विभाग ने कहा कि यदि किसी के ध्यान में ऐसा मामला आता है तो चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर शिकायत कर सकते हैं। पोक्सो एक्ट 212 में निहित प्रविधानों के बोर्ड भी परिसर में लगाने को कहा है।
ये है नियमों में प्रविधान

  • ईसीसीई कार्यक्रम की अवधि तीन से चार घंटे की होनी चाहिए।
  • इसमें प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
  • किसी भी बच्चे से प्रवेश परीक्षा या लिखित/मौखिक टेस्ट नहीं लिया जाएगा।
  • प्रवेश में जाति, धर्म, लिंग या दिव्यांगता के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा।
  • स्कूल परिसर सुरक्षित, स्वच्छ और बच्चों के अनुकूल होना चाहिए।
  • सुरक्षित पेयजल, अलग शौचालय, हाथ धोने की सुविधा और फर्स्ट एड किट उपलब्ध होनी चाहिए।
  • तीन से छह वर्ष के आयु वर्ग में वयस्क-बाल अनुपात 1:20 और तीन वर्ष से कम आयु में 1:10 होगा।
  • किसी भी बच्चे के साथ शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न नहीं किया जाएगा।
  • सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन और मेडिकल जांच अनिवार्य है।
  • प्राथमिक उपचार किट होना अनिवार्य है।
  • केंद्र व उससे संबंधित सुविधाओं में बच्चों की पहुंच में कोई भी हानिकारक उपकरण, नुकीले फर्नीचर या कोई हानिकारक वस्तु नहीं होनी चाहिए।


यह भी पढ़ें: HP Board Exam: हिमाचल शिक्षा बोर्ड ने बदला वार्षिक परीक्षा का पैटर्न, तीनों सीरीज होंगी एक समान; बहुविकल्पीय प्रश्न जुड़ेंगे
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
157953