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Guru Gochar 2025: गुरु गोचर से मिथुन राशि को कर्ज से मिलेगी मुक्ति, पूरी होगी मनचाही मुराद

Chikheang 2025-10-17 14:37:43 views 1234
  

Guru Gochar 2025: गुरु गोचर का प्रभाव



आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। 18 अक्टूबर 2025 को जब गुरु देव कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, यह समय मिथुन राशि वालों के लिए बहुत शुभ रहेगा। गुरु देव का दूसरा भाव ग्रहण करना, जो धन और परिवार से जुड़ा है, इस दौरान आर्थिक वृद्धि, परिवार में सौहार्द और संपत्ति के अवसर लेकर आएगा। गुरु देव की दृष्टि छठे, अष्टम और दशम भावों पर रहेगी, जिससे करियर, स्वास्थ्य और वित्तीय जिम्मेदारियों में संतुलन और पारिवारिक स्थिरता के अवसर बढ़ेंगे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

  

मिथुन राशि वालों के लिए गुरु देव का कर्क राशि में गोचर एक लाभकारी समय लेकर आएगा। गुरु देव, जो सप्तम और दशम भावों के स्वामी हैं, अब दूसरा भाव ग्रहण करेंगे। यह स्थिति धन संग्रह, पारिवारिक तालमेल और वित्तीय लाभ को बढ़ाएगी। गुरु देव की दृष्टि छठे, अष्टम और दशम भावों पर पड़ेगी, जिससे करियर, साझेदारी और दैनिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे और स्थिरता प्राप्त होगी।
करियर

गुरु देव का दूसरा भाव ग्रहण करना मिथुन राशि वालों के करियर को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। दशम भाव के स्वामी होने के कारण गुरु देव की यह स्थिति कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ाएगी और कार्यस्थल पर पहचान दिलाएगी। दशम भाव पर दृष्टि से करियर में नई जिम्मेदारियां, पदोन्नति या नए अवसर मिलेंगे। छठे भाव पर दृष्टि से कार्यस्थल पर विवादों का समाधान और अनुशासित प्रयासों का लाभ मिलेगा। अष्टम भाव पर दृष्टि करियर में बदलाव और अनदेखे अवसरों को प्रोत्साहित करेगी।
वित्त

गुरु देव का यह गोचर वित्तीय स्थिरता के लिए बहुत शुभ रहेगा। दूसरा भाव ग्रहण करने से आय और बचत में वृद्धि होगी। संपत्ति या भूमि में निवेश के अवसर भी मिल सकते हैं। छठे भाव पर दृष्टि से ऋण चुकाने में सहायता मिलेगी, जबकि दशम भाव पर दृष्टि से पेशेवर उन्नति के माध्यम से वित्तीय लाभ बढ़ेगा। अष्टम भाव पर दृष्टि से अचानक खर्चों की संभावना रहेगी, इसलिए समझदारी से योजना बनाना आवश्यक होगा।
परिवार और रिश्ते

गुरु देव का यह गोचर परिवार में सौहार्द और आपसी समझ को बढ़ाएगा। दूसरा भाव ग्रहण करने से परिवार के सदस्यों के साथ संवाद बेहतर होगा और पारिवारिक मूल्य मजबूत होंगे। अष्टम भाव पर दृष्टि भावनात्मक जुड़ाव को गहरा करेगी। सप्तम भाव के स्वामी होने के कारण वैवाहिक जीवन में तालमेल बढ़ेगा और दशम भाव पर दृष्टि से पारिवारिक और पेशेवर जीवन में संतुलन बनेगा।
स्वास्थ्य

गुरु देव का यह गोचर स्वास्थ्य में निरंतर सुधार देगा। छठे भाव पर दृष्टि से पुराने स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों का समाधान होगा और स्वस्थ आदतें अपनाने का उत्साह बढ़ेगा। अष्टम भाव पर दृष्टि से पुरानी या छुपी बीमारियों पर ध्यान देना आवश्यक होगा। ध्यान, योग और संतुलित दिनचर्या स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहेंगी।
शिक्षा

गुरु देव का यह गोचर मिथुन राशि के विद्यार्थियों के लिए अनुकूल रहेगा। दूसरा भाव ध्यान और संवाद कौशल को मजबूत करेगा, जो अध्ययन में मददगार रहेगा। छठे भाव पर दृष्टि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाएगी, जबकि दशम भाव पर दृष्टि अध्ययन में मान्यता और शिक्षकों का सहयोग सुनिश्चित करेगी। अष्टम भाव पर दृष्टि से शोध या गूढ़ अध्ययन में रुचि बढ़ सकती है।
सार

18 अक्टूबर 2025 को गुरु देव का कर्क राशि में गोचर मिथुन राशि वालों के लिए वित्तीय, पारिवारिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में वृद्धि और स्थिरता लेकर आएगा। यह समय करियर में सफलता, संपत्ति लाभ, पारिवारिक सौहार्द और शिक्षा में प्रगति के लिए अनुकूल रहेगा। यदि आप संयम, अनुशासन और समझदारी के साथ कार्य करेंगे तो गुरु देव की कृपा से दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे।
उपाय

  • गुरुवार को बड़ों या शिक्षकों को पीले फल और मिठाई अर्पित करें।
  • प्रतिदिन गुरु बीज मंत्र “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” का जाप करें।


लेखक: श्री आनंद सागर पाठक, Astropatri.com, संपर्क करें: hello@astropatri.com
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