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पीले रंग की क्यों होती हैं स्कूल बसें? लुक या स्टाइल नहीं, इसके पीछे छिपी है ये बड़ी साइंटिफिक वजह

deltin33 2025-10-11 03:35:27 views 1285
  

स्कूल बसें पीली क्यों: जानिए वैज्ञानिक कारण (Picture Credit- Freepik)



लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम रोजाना सड़कों पर दौड़ती अलग-अलग रंगों की गाड़ी देखते हैं। लाल,सफेद, काली और न जानें कितने रंगों की गाड़ियां लोग अपनी पसंद के मुताबिक चुनते हैं, लेकिन जब बात पब्लिक ट्रांसपोर्ट की आती हैं, तो खास रंग सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसा ही कुछ स्कूल बसों के साथ भी है। आपने अक्सर यह देखा होगा कि स्कूल बसें पीले रंग की होती हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर स्कूल बसों के लिए पीला रंग ही क्यों चुना गया? अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जिसके मन में यह सवाल आता है, तो आज इस आर्टिकल में हम आपको इसी का जवाब देने वाले हैं। आइए आपको बताते हैं स्कूल बसों का पीला होने की वजह-  
कैसे मिला स्कूल बस को पीला रंग?

स्कूल बस को उसका पीला रंग अमेरिका में साल 1930 के दशक में मिला। दरअसल,  हाउ स्टफ वर्क्स के मुताबिक कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर फ्रैंक साइर ने देश के स्कूल वाहनों के बारे में जांच करते हुए विशेष बैठक आयोजित की, जिसमें पूरे देश के प्रमुख शिक्षक, परिवहन अधिकारी, बस निर्माता और अन्य लोग शामिल हुए। इस मीटिंग में शामिल हुए सभी लोगों ने ही मिलकर बस का रंग चुना।  

  

उस दौरान उन्होंने कॉन्फ्रेंस रूम की दीवार पर रंग लिखे और मीटिंग में मौजूद सभी लोगों से एक रंग चुनने को कहा। मौजूद सभी लोगों ने मिलकर पीला और नारंगी रंग चुना। फिर बाद में बहुमत से पीला रंग चुना गया और तभी से स्कूल बसों का रंग हो गया है।
पीले रंग का वैज्ञानिक महत्व

साइंस की मानें, तो पीला रंग एक ऐसा रंग है, जिसे इंसान आसानी से देख सकता है। इसकी विजिबिलिटी सबसे ज्यादा होती है। पीला रंग हमारी आंखों को सबसे ज्यादा दिखाई देने वाले रंगों में से एक है, खासकर दिन के उजाले में। यह बहुत ज्यादा प्रकाश रिफ्लेक्ट करता है, जिससे यह खराब मौसम में भी इस पर चला जाता है। खासकर बारिश, कोहरा या बादल छाए होने पर। ऐसे में सड़कों पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह रंग बिल्कुल सही है।  
लाल रंग क्यों नहीं?

अब सवाल यह उठता है कि पीला रंग ही क्यों। इंसानी आंखें तो लाल रंग को भी आसानी से देख सकती है, क्योंकि यह चमकीला और गहरा होता है और पहले से ही खतरे के निशान के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। असल में समस्या यहीं पर थी। दरअसल, लाल रंग पहले से ही स्टॉप साइन, ब्रेक लाइट और आपातकालीन संकेतक जैसी चीजों के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।  

  

ऐसे में बसों के लिए इसका इस्तेमाल से ड्राइवरों को भ्रम हो सकता है या गलत संकेत मिल सकता है। वहीं, दूसरी ओर, पीला रंग एक मजबूत विजन का संकेत है, जो मौजूदा ट्रैफिक साइन्स के साथ टकराव नहीं करता। यह रंग संदेश देता है कि, “सावधान रहें। बच्चे आ रहे हैं।“ इस तरह यह रंग दुर्घटनाओं को रोकने में मदद कर सकता है।

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