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एनएच-44 और एनएच-48 पर बनेंगे 250 ई-ट्रक चार्जिंग स्टेशन, ई-ट्रकों से घटेगा मालभाड़ा

Chikheang 2025-10-10 06:36:18 views 1246
  



नंदकिशोर भारद्वाज, सोनीपत। गांव पांची गुजरान में उत्तर भारत का पहला ट्रक-ट्रेलर बैटरी स्वैपिंग एवं चार्जिंग सेंटर शुरू होने के बाद डीआईसीटी ने आगामी एक साल की अपनी रणनीति साझा की। डीआईसीटी एक साल में देश के दो अति व्यस्त हाईवे को ई-हाईवे पर शिफ्ट करेगी।एनएच-44 और एनएच-48 पर 250 से अधिक ट्रक-ट्रेलर बैटरी स्वैपिंग एवं चार्जिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

पांची गुजरान के स्टेशन पर शुरुआत में 115 ई-ट्रकों की फ्लीट शुरू की गई है। एक साल में यहां 150 ट्रकों की एक और फ्लीट शुरू की जाएगी। अगले एक साल में पेट्रोल पंपों की तरह इन सेंटरों का नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर में निजी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा कर शुरू लाजिस्टिक कास्ट करने की योजना की घोषणा की है। ई-ट्रकों का उपयोग बढ़ाकर देश में मालभाड़ा कम करने और प्रदूषण को कम करने की योजना पर सरकार काम कर रही है।

दिल्ली इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल के एजीएम राकेश कुमार ने बताया कि डीआइसीटी ने सोनीपत के पांची गुजरान में ट्रक-ट्रेलर बैटरी स्वैपिंग एवं चार्जिंग सेंटर शुरू कर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में क्रांति व बदलाव की शुरुआत कर दी है। डीआईसीटी ने रविंद्रा एनर्जी और जेएम बक्शी ग्रुप के सहयोग से 115 ई-ट्रकों की फ्लीट शुरू की है। यहां पर इन ट्रक-ट्रेलरों के लिए बैटरी स्वैपिंग एवं चार्जिंग सेंटर शुरू किया गया है।

रविंद्रा एनर्जी ने बैटरी सेटअप उपलब्ध कराया है, जबकि जेएम बक्शी ग्रुप ने ट्रक व ट्रेलर। डीआइसीटी अगले एक साल में दिल्ली से जम्मू-कश्मीर तक जाने वाले एनएच-44 व दिल्ली से चेन्नई तक जाने वाले एनएच-48 पर 250 ट्रक-ट्रेलर बैटरी स्वैपिंग एवं चार्जिंग सेंटर शुरू करेगी।

उन्होंने बताया कि सबसे पहले सोनीपत के 50 किलोमीटर के दायरे में करनाल, पानीपत, गाजियाबाद, गुरुग्राम, पटौदी में सेंटर शुरू करने के लिए जमीन देखी जा रही है। इसके बाद दिल्ली से चेन्नई तक जा रहे एनएच-48 पर सात राज्यों में पेट्रोप पंपों की तरह ट्रक-ट्रेलर बैटरी स्वैपिंग एवं चार्जिंग सेंटरों का नेटवर्क शुरू किया जाएगा।

ई-ट्रक से लाजिस्टिक काेस्ट घटाने की तैयारी

डीआईसीटी के एजीएम राकेश कुमार ने बताया कि ई-ट्रक अपनाकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में लाजिस्टिक कोस्ट घटाने और ट्रांसपोर्टर व आमजन को लाभ पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

डीजल चालित ट्रक 100 रुपये में तीन किलोमीटर चलता है और भारी प्रदूषण का कारण बनता है, वहीं बैटरी चालित ट्रक 12 रुपये में तीन किलोमीटर चलेगा और ऊपर से इससे किसी प्रकार का प्रदूषण भी नहीं होगा।

इस बैटरी सेटअप से कोई ट्रक या ट्रेलर 40 टल माल लेकर 180 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है, इसके बाद बैटरी स्वैप को चार्ज करना पड़ेगा या इसे स्वैप करना पड़ेगा।
प्रतिस्पर्धा से होगा ट्रांसपोर्ट सेक्टर का भला

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि अभी एक-दो कंपनियां ही ई-ट्रक-ट्रेलर लेकर आई हैं। ट्रांसपोर्टरों व लोगों का भला जब होगा तक ई-ट्रक बनाने के लिए बड़ी कंपनियों के बीच स्पर्धा शुरू होगी। अभी ईआइएम ने ई-ट्रक सड़क पर उतारे हैं। जब टाटा, वाेल्वो, अशोक लेलैंड व अन्य कंपनियां भी ई-ट्रक को बनाएंगी, तब ट्रांसपोर्टरों को लाभ होगा और लोगों को कम मालभाड़ा देना होगा।

उन्होंने बताया कि हाईड्रोजन से चलने वाले ट्रक बनाने पर काम हो रहा है। टाटा कंपनी पायलट प्रोजेक्ट के तहत तीन ट्रक चला रही है। भविष्य में डीजल-पेट्रोल से मुक्ति पाकर प्रदूषण खत्म करने की योजना है। जल्द ही इस क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक अपनाने पर फोकस किया जाएगा।

अब अच्छी सड़कें बनने से देश में लाजिस्टिक कोस्ट छह प्रतिशत कम हो गई है। अगले साल तक यह नौ प्रतिशत आ जाएगी। अगर आप लोग ईवी, सीएनजी और फ्लैक्स इंजन व हाईड्रोजन अपनाते हैं तो अगले साल तक ट्रांसपोर्ट के रेट आधे हो जाएंगे।  
दिल्ली-जयपुर के बीच फ्लैक्स चार्जिंग बस चलाने की योजना

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि दिल्ली-जयपुर के बीच फलैक्स चार्जिंग से युक्त हाईटेक बस चलाने की योजना है। यह बस फ्लैक्स चार्जिंग से 20 सेकेंड में चार्ज होकर आगे के लिए रवाना हो जाएगा। इस हाईवे पर जगह-जगह फ्लैक्स चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। ऊपर से बस के लिए चार्जिंग केबल आएगी और झटपट यह बस चार्ज हो जाएगी।

हवाई जहाज जैसी सुविधाओं से युक्त बस 135 यात्रियों को लेकर दौड़ेगी। इस बस में एक्जिक्यूटिव क्लास की चेयर होंगी, हर सीट पर एलईडी लगा होगा, प्लेन की तर्ज पर चाय-नाश्ता मिलेगा। अभी इस बस पर काम चल रहा, जल्द ही इसे चलाने की योजना है।
एक मॉडल के रूप में चल रही गडकरी की कार

नितिन गडकरी ने बताया कि वे इनोवा कंपनी की फ्लैक्स इंजन वाली कार को इस्तेमाल कर रहे हैं। यह कार एक माडल के रूप में इस्तेमाल की जा रही है। गडकरी इस कार को एक-डेढ़ साल से प्रयोग कर रहे हैं। यह कार 100 प्रतिशत बायो इथेनाल से चल रही है।

उन्होंने बताया कि यह कार चलते-चलते बिजली भी बनाती है। स्ट्रान्ग हाईब्रिड इलेक्ट्रिक से युक्त यह कार प्रदूषण रहित है। भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल सभी वाहनों के लिए किया जाएगा। इस कार को चलाने के लिए 25 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल के बराबर लागत आएगी। भविष्य में बायो ईंधन व वैकल्पिक ईंधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

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