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झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: नर्सिंग छात्रों को राहत, नेतरहाट स्कूल में नियुक्ति नियम बदले

deltin33 1 hour(s) ago views 820
  

निजी नर्सिंग कालेजों में नामांकन लेने वाले छात्रों को मिली राहत (फाइल फोटो)



राज्य ब्यूरो, रांची। हेमंत सोरेन की कैबिनेट ने मंगलवार को कुल 22 प्रस्तावों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। जिसमें राज्य के निजी नर्सिंग कालेजों में नामांकन लेने वाले छात्रों को राहत देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कैबिनेट ने तय नियमों को एक साल के लिए (शिथिल) करने की स्वीकृति प्रदान की है।

इस निर्णय से उन छात्र को लाभ मिलेगा, जो झारखंड संयुक्त प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा पर्षद (जेसीईसीईबी) की ओर से बिना काउंसिलिंग के सीधे निजी नर्सिंग कालेजों में दाखिला ले लिया था। उन्हें अब परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल सकेगी।

निजी नर्सिंग कालेजों ने अपनी संस्था को तकनीकी मान्यता नहीं मिलने तथा अन्य अनियमितताओं के बावजूद नर्सिंग कोर्स में नामांकन ले लिया था। इस कारण झारखंड यूनिवर्सिटी आफ टेक्नोलाजी (जेयूटी) द्वारा उनकी परीक्षा नहीं ली जा रही थी।

ऐसे में नामांकन लेने वाले अभ्यर्थियों की परीक्षा नहीं हो पा रही थी। अब राज्य सरकार की ओर से छूट दिए जाने के बाद वे परीक्षा में बैठ सकेंगे और नर्सिंग की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। मिली जानकारी के अनुसार कुल 22 प्रस्तावों में लगभग एक दर्जन फैसले कोर्ट के आदेश से जुड़े थे।
अब नेतरहाट आवासीय विद्यालय में नियुक्तियां जेपीएससी या जेएसएससी करेगी

राज्य सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में नेतरहाट आवासीय विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति संबंधी नियमावली में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव इसलिए किया गया क्योंकि 2010 में नेतरहाट विद्यालय को दी गई स्वायतता के बाद स्कूल का परिणाम लगातार खराब होता जा रहा था।

देश का प्रीमियर इंस्टीट्यूट होने के बाद भी यहां बच्चे फेल होने लगे थे। तीन साल पहले विद्यालय का एक छात्र केमेस्ट्री की परीक्षा में फेल हो गया था। पूर्व में नियुक्ति का अधिकार एक्स चेयरमैन को था, जो सभापति होते थे।

सभापति कोई पूर्व नेतरहाटियन हुआ करता था। इसके लिए कोई योग्यता निर्धारित नहीं थी। लेकिन अब सभापति के लिए योग्यता निर्धारित कर दी गई है। अब इस पद पर नियुक्ति के लिए कला, संस्कृति, विज्ञापन, प्रबंधन या कई अन्य क्षेत्रों में 10 वर्ष का अनुभव जरूरी होगा।

यह भी बदलाव किया गया है कि अब विद्यालय के प्राचार्य, उप प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति जेपीएससी या जेएसएससी के माध्यम से होगी। राज्य सरकार ने लगभग डेढ़ महीने पहले नेतरहाट आवासीय विद्यालय संचालन नियमावली को भी स्वीकृति दी थी। उसमें चार बाडी का गठन किया गया था।

एपेक्स बाडी मुख्यमंत्री, जेनरल बाडी विभागीय मंत्री, तीसरा कार्यकारिणी समिति सभापति की अध्यक्षता में गठित करने का प्रविधान किया गया है। यहां सभापति अब पूर्व नेतरहाटियन होंगे, लेकिन उनके लिए योग्यता निर्धारित कर दी गई है। इस बार विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया गया है।
साइंस सिटी के विकास पर खर्च होंगे 255 करोड़

कैबिनेट की बैठक में साइंस सिटी के विकास पर 255 करोड़ के खर्च की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की योजना के तहत साइंस सिटी को विकसित किया जना जाना है। इसके अलावा मनोहरपुर में उधनंबारेगा से धानापल्ली तक 11 किलोमीटर सड़क सहित अन्य दो सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दी गई।   
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