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हापुड़ में बोतलबंद पानी की भी गुणवत्ता खराब, पांच कंपनियों के नमूने जांच में फेल; फंगस और बैक्टिरिया मिले

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हापुड़ में पांच कंपनियों के नमूने में फेल हुआ बोतलबंद पानी।



जागरण संवाददाता, हापुड़। जिले में खुले पानी की गुणवत्ता तो खराब है ही, बोतलबंद पानी भी पीने योग्य नहीं है। जिल बोतलबंद पानी पर लोग भरोसा करते हैं और सेहत के प्रति जागरूक होने का दावा कर प्रयोग करते हैं। उसके पांच कंपनियों के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। यह पानी सेहत के लिए खतरनाक पाया गया है। ऐसे में इसको अनसेफ की श्रेणी में रखा गया है।

बोतलबंद पानी में घातक फंगस और कवक पाए गए हैं, जिससे लोगों को पेट के गंभीर रोग हो सकते हैं। वहीं टीडीएस भी 75 के आसपास मिला है, जो सेहत के लिए खतरनाक है। अब पांचों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजा जा रही है। सभी कंपनियां धौलाना स्थित यूपीएसआइडीसी क्षेत्र में स्थित हैं।

पिछले दिनाें मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद दैनिक जागरण ने देशभर में अभियान चलाया था। इसमें जबह-जबह से सैंपल लेकर पानी की गुणवत्ता की जांच की गई थी। एक सप्ताह तक चलाए गए इस अभियान के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग भी हरकत में आ गया था।

हापुड़ में भी लखनऊ और विभिन्न जनपदों के अधिकारियों की 18 सदस्यीय टीम ने धौलाना के यूपीएसआइडीसी क्षेत्र में अभियान चलाया था। इसमें बोतलबंद पानी बनाने वाली 12 कंपनियों से 16 नमूने लिए गए थे जिसकी रिपोर्ट अब जारी हुई है। इनमें से पांच नमूने फेल हुए हैं।

खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन आयुक्त द्वितीय सुनील सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान लिए गए नमूनों में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर कंपनी सिग्नेचर, सिटी एक्वा, ब्लू क्लीन, टानिक और सुप्रीम कंपनियों के पांच नमूने अनसेफ पाए गए हैं। इसके आधार पर इन कंपनियों के लाइसेंस निरस्त करने की संस्ुति कर रिपोर्ट भेज दी गई है। इनके लाइसेंस केंद्र से जारी होने के कारण केंद्र को ही इसकी संस्तुति की गई है। बोतल बंद इस पानी में हानिकारक मोल्ड कवक और बैक्टीरिया पाया गया है। इन फैक्टरियों का पानी स्थानीय स्तर के साथ अन्य प्रदेशों में भी सप्लाई हो रहा था।
बाजारों में खपाया जा रहा लाखों लीटर दूषित पानी

यूपीएसआइडीसी क्षेत्र में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की कुल 16 फैक्टरियां मौजूद हैं। इनमें सभी फैक्टरियों से टीम ने पानी के नमूने लिए थे। इनमें से 14 फैक्टरियों में पैक्ड पानी मिला था। जबकि दो फैक्टरियां बंद थीं और दो में पानी पैक होने की प्रक्रिया बंद थी। कुल मिलाकर चल रही फैक्टरियां बाजारों में लाखों लीटर पानी खपा रही थीं और लोग रुपये खर्च करने के बावजूद दूषित पानी पी रहे थे।


बोतलबंद पानी में घायल श्रेणी के कवक और फंगल पाए गए हैं। इनसे पेट में संक्रमण, उल्टी-दस्त, लिवर में इंफेक्शन जैसी बीमारियां हाे सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह खतरनाक हो सकता है। लंबे समय तक यह पानी पीने से यह कैंसर जैसे गंभीर रोग का कारण भी बन सकता है। - सुनील कुमार, खाद्य सुरक्षा उपायुक्त


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