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हरियाणा: मौत का मार्ग बना रावलधी-भिवानी लिंक रोड, 3 किलोमीटर में 220 गड्ढे; दो महीने में तीन लोगों ने गंवाई जान

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रावलधी-भिवानी लिंकमार्ग की हालत हुई पतली (फोटो: जागरण)



सोनू जांगड़ा, चरखी दादरी। रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग के लगातार गड्ढों में तबदील होने, रोडियां, पत्थर बिखरने से यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दादरी शहर के साथ रोहतक रोड पर लगते पहले गांव रावलधी से भिवानी लिंक मार्ग के हालातों पर दैनिक जागरण ने ग्राउंड रिपोर्ट की।

इस दौरान सामने आया कि करीब तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 220 से अधिक गड्ढे हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग द्वारा दो सप्ताह पहले ही गड्ढ़ों को भरने व पैच वर्क का कार्य करवाया गया था, लेकिन एक बार रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर गहरे गड्ढ़े बने हुए है तथा इस मार्ग के एक तरफ मिट्टी व दूसरी तरफ रोड़िया बिखरी हैं।  

वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मार्ग पर गड्ढे बनने का बड़ा कारण यहां से क्षमता से ज्यादा ओवरलोड वाहनों का गुजरना है। इसके साथ ही रोहतक रोड रेलवे क्रासिंग पर आरओबी निर्माण कार्य चलने से रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ा है।

जर्जरहाल मार्ग के चलते रोजाना 15 हजार वाहन चालक परेशानियां झेलने को मजबूर है। सड़क पर रोड़िया बिखरने व गड्ढ़े बनने से वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे है। जिससे वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ओवरलोडिंग वाहनों पर लगाम लगाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।

रविवार को दैनिक जागरण ने रावलधी चौक से भिवानी लिंक मार्ग तक सफर किया। रावलधी चौक से ओवरब्रिज तक 80 गड्ढ़े मिले। इसके साथ ही करीब 800 मीटर रेलवे ओवरब्रिज पर 50 गड्ढे बने हुए है।

आरओबी से उतरते ही घिकाड़ा चौक व भिवानी टी प्वाइंट तक 90 गड्ढे है, जो रात के समय दुपहिया वाहन चालकों के लिए खतरे का सबब बने हुए है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों ने बताया कि पिछले काफी समय से इस लिंक मार्ग की हालत खस्ता है। यहां से गुजरने पर वाहनों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

लोक निर्माण विभाग ने करीब दो सप्ताह पहले रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग की मरम्मत करवाई थी। लेकिन अब फिर से आरओबी सड़क जर्जरहाल हो चुकी है। वाहन चालकों का यहां बने गड्ढों से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में मरम्मत कार्य में बरते गए मानकों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे है।

जिले के अधिकतर माइनिंग जोन लोहारू रोड पर बने हुए हैं। यहां से निकलने वाली भवन निर्माण सामग्री से भरे वाहन दिल्ली, रोहतक और अन्य शहरों में जाने के लिए रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग से गुजरते हैं। ओवरलोड वाहन भी सड़क के टूटने के मुख्य कारण हैं।

सामान्य तौर पर देखने में आता है कि इस मार्ग पर सबसे अधिक संख्या में ओवरलोड डंपर गुजरते है। सड़कों के स्टैंडर्ड के हिसाब से डंपरों में काफी अधिक निर्माण सामग्री होने से सड़क लगातार टूटती जा रही हैं।

भिवानी-लिंक मार्ग पर बीते शुक्रवार को आरओबी की दीवार से बाइक टकराने पर दो युवक नीचे गिर गए थे। इनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि दूसरे युवक की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे पीजीआइ रेफर कर दिया था।

शनिवार को उपचार के दौरान दूसरे युवक ने भी दम ताेड़ दिया था। इसके अलावा सात जनवरी को प्रेमनगर निवासी राजू की स्कूटी को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। हादसे में राजू की मौके पर ही मौत हो गई थी।

लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन गुरुचरण सिंह ने बताया कि रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर क्षमता से अधिक भारी वाहनों की आवाजाही होती है। जिसके चलते इस मार्ग पर गड्ढे बन जाते है। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह पहले ही इस मार्ग पर गड्ढे भरने के अलावा पेच वर्क का कार्य भी करवाया गया था। लेकिन भारी व ओवरलोड वाहनों के आवागमन से स्थिति पहले जैसी बन गई है। इस बारे में वे जल्द संबंधित ठेकेदार से संपर्क कर लिंक मार्ग पर बने गड्ढों को भरवाएंगे।   
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