कंपनी के 50 वर्षीय मैनेजर ने मालाड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मालाड पुलिस ने एक निजी फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट को गिरफ्तार किया है, जो करीब 3.51 लाख रुपये की किस्तें हजम कर फरार हो गया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय प्रताप शेट्टी के रूप में हुई है। प्रताप पिछले चार साल से उसी फाइनेंस कंपनी में \“कस्टमर रिलेशनशिप ऑफिसर\“ के पद पर तैनात था।
प्रताप का काम स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं से हर महीने की 6 से 12 तारीख के बीच EMI वसूल कर उसी दिन कंपनी के मालाड वेस्ट स्थित दफ्तर में जमा करना था। 12 जनवरी, 2026 को प्रताप ने गोरेगांव के भगत सिंह नगर इलाके की 47 महिला ग्राहकों से कुल 3,51,350 रुपये इकट्ठा किए।
कैश लेकर हो गया गायब
लेकिन शाम तक वह दफ्तर नहीं पहुंचा और कैश लेकर गायब हो गया। जब कंपनी के रिकॉर्ड में पैसा जमा नहीं हुआ, तो अधिकारियों ने प्रताप को फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद था। घर पर भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद कंपनी के 50 वर्षीय मैनेजर ने मालाड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया।
पुलिस की टेक्निकल सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से आरोपी प्रताप को 14 फरवरी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। पुलिस के अनुसार, प्रताप के कुछ रिश्तेदारों ने भी उसी फाइनेंस कंपनी से लोन ले रखा था।
आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी किस्तें नहीं भर पा रहे थे। प्रताप ने अपनी कंपनी से वसूली गई रकम का एक बड़ा हिस्सा अपने रिश्तेदारों के लोन की किस्तें भरने में इस्तेमाल कर लिया। डीसीपी संदीप जाधव (जोन 11) के मार्गदर्शन और वरिष्ठ निरीक्षक दुष्यंत चौहान के नेतृत्व में पीएसआई अक्षय अडवाल इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। |