संवाद सूत्र, औरंगाबाद (सीतापुर)। नैमिषारण्य उपकेंद्र जाने वाली 33 हजार वोल्ट लाइन पर चितवा पुल के पास रविवार की सुबह चार बजे बंदर कूद गया। इसके चलते 10 घंटे तक 80 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। फाल्ट को दुरुस्त करने में तीस मिनट तक नैमिषारण्य से ब्रेकडाउन लिया गया, जिसके बाद फाल्ट दुरुस्त हो सकी।
मिश्रिख के 132 केवी पारेषण खंड के उपकेंद्र से 33 हजार वोल्ट की लाइन नैमिषारण्य उपकेंद्र को जाती है। रविवार सुबह करीब चार बजे एक बंदर बिजली लाइन पर कूद गया। इसके चलते लाइन का इंसुलेटर टूटकर जमीन पर गिर गया और बंदर की भी मौत हो गई।
80 गांवों की बिजली गुल
इससे नैमिषारण्य ग्रामीण उपकेंद्र ठप गया और औरंगाबाद, रामपुर, रामशाला, बकेनिया फीडर से जुड़े बीबीपुर, भैरमपुर, परसपुर, मीरापुर, करुवामऊ, असरफनगर, लोधौरा, मानपुर सहित करीब 80 गांवों की बिजली गुल हो गई।
औरंगाबाद के फाजिल बेग, दानिश, फैजी ने बताया कि सुबह बिजली गुल होने से सहरी करने दिक्कत आई। सुबह-सुबह कटौती से दिनचर्या भी गड़बड़ा गई। जानकारी मिलने के बाद अवर अभियंता सौरभ अवस्थी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बंदर का अंतिम संस्कार करने के बाद फाल्ट को दुरुस्त करने में जुट गए। दोपहर दो बजे के करीब इन गांवों को बिजली मिल सकी।
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33 हजार वोल्ट लाइन पर बंदर कूदने से नैमिषारण्य ग्रामीण उपकेंद्र बंद हो गया था। फाल्ट को दुरुस्त करने में काफी समय जरूर लग गया। इससे करीब 30 मिनट तक नैमिषारण्य कस्बे की भी बिजली गुल रही। - अंकुर वर्मा, उपखंड अधिकारी-मिश्रिख
अनुरक्षण कार्य के चलते 11 घंटे गुल रही बिजली
नगर की रविवार को 11 घंटे बिजली बाधित रही। उपखंड अधिकारी नगर रवि प्रकाश गौतम ने इस कटौती के बारे में पहले ही जानकारी दी थी। उन्होने बताया था कि सुबह आठ से शाम सात बजे तक पड़ाव पर रखे 630 केवीए का ट्रांसफार्मर बंद रहेगा। जिससे चलते मुख्य बाजार सहित तामसेन गंज मुहल्ले की बिजली बाधित रही। दिनभर कटौती से व्यापारियों को जरूर समस्या हुई। |