East Champaran Industrial Area: जिले की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। फाइल फोटो
सत्येंद्र कुमार झा, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Bihar Industrial Development: धान, गेहूं और गन्ने की खेती के लिए पहचान रखने वाला पूर्वी चंपारण अब औद्योगिक क्षेत्र के रूप में उभरने की तैयारी में है।
राज्य सरकार की पहल से जिले में उद्योगों की स्थापना की उम्मीदें तेज हो गई हैं। पूर्वी चंपारण में करीब दो हजार एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
सरकारी निर्देश के आलोक में प्रारंभिक चरण में करीब 700 एकड़ भूमि का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। शेष भूमि को भी चिन्हित कर जल्द प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया चल रही है। यदि सभी प्रस्तावों को मंजूरी मिल जाती है तो जिले की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उद्योग स्थापना को लेकर जो प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें सबसे अधिक भूमि रामगढ़वा प्रखंड के अंतर्गत आती है।
इसमें अहिरौलिया में 560 एकड़, कन्ना में 25 एकड़ और हरदिया में 80 एकड़ भूमि शामिल है। बताया गया है कि यह सभी भूमि बेतिया राज की है। सरकार स्तर से सहमति मिलने के बाद इन क्षेत्रों को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पलायन पर लगेगी रोक
बियाडा के अधिकारी लक्ष्मण कुमार ने बताया कि राज्य सरकार से स्वीकृति मिलते ही औद्योगिक क्षेत्र के विकास का कार्य तेज कर दिया जाएगा। यहां छोटे और बड़े उद्योगों की स्थापना की योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उद्योग लगने से उन लोगों को सीधा लाभ मिलेगा जो रोजगार की तलाश में बाहर के राज्यों में पलायन करते हैं। स्थानीय स्तर पर काम मिलने से न सिर्फ पलायन रुकेगा, बल्कि जिले की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को प्राथमिकता
बताया गया कि प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार मिलेगा और तैयार उत्पादों की बिक्री स्थानीय स्तर के साथ-साथ बाहरी बाजारों में भी आसानी से की जा सकेगी। इससे किसानों और उद्यमियों दोनों को लाभ होगा और पूर्वी चंपारण औद्योगिक नक्शे पर नई पहचान बना सकेगा। |
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