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बंगाल में दोषी पाए गए ERO व AERO को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा EC, TMC ने लगाए आरोप

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बंगाल में दोषी पाए गए ERO व AERO को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा EC (फाइल फोटो)



राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के दस्तावेज़ आनलाइन अपलोड करने में विफल रहने के लिए संबंधित मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है।

एक अधिकारी के अनुसार, सुनवाई समाप्त होने के चार दिन बाद भी लगभग एक लाख पंद्रह हजार दस्तावेज अभी तक अपलोड नहीं किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक दोषी पाए गए ऐसे ईआरओ और एईआरओ की संख्या 270 है।
नियमों का किया गया उल्लंघन

आयोग ने सभी ईआरओ और एईआरओ को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यदि कोई आवेदन अस्वीकृत किया जाता है, तो उसका विशिष्ट कारण स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए। हालांकि, आरोप सामने आए हैं कि कई मामलों में इस नियम का उल्लंघन किया गया है।

निपटान प्रक्रिया भी धीमी गति से चल रही है और कुछ क्षेत्रों में अचानक प्रणाली में खराबी की सूचना मिली है। एक अधिकारी ने बताया कि जब तक ये दस्तावेज अपलोड नहीं किए जाते, तब तक उनकी जांच प्रक्रिया संभव नहीं होगी।

ऐसी स्थिति में 21 फरवरी तक निर्धारित समय सीमा में जांच प्रक्रिया पूरी हो पाएगी या नहीं, इस पर गहरा संदेह है। यदि दस्तावेज जांच प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा बढ़ाई जाती है, तो अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की वर्तमान निर्धारित तिथि 28 फरवरी को भी स्थगित करना पड़ेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के सूत्रों ने दावा किया है कि 120 ईआरओ और 150 एईआरओ को दोषी पाया गया है।

हालांकि, ईसीआई ने अभी तक आधिकारिक तौर पर शामिल ईआरओ और एईआरओ की संख्या नहीं बताई है। बता दें कि इससे पहले से आयोग ने दो ईआरओ, नौ एईआरओ, एक डेटा-एंट्री आपरेटर और तीन माइक्रो-आब्जर्वर के खिलाफ कार्रवाई की थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लघंन- टीएमसी

इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि विशेष रोल पर्यवेक्षक सी मुरुगन ने वाट्सएप के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश जारी करके सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। आरोपों का जवाब देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मुरुगन ने कोई स्वतंत्र निर्देश जारी नहीं किए थे, बल्कि उन्होंने केवल आयोग के निर्देशों की व्याख्या की थी।

तृणमूल कांग्रेस की शिकायत के मद्देनजर मुरुगन से बात की जाएगी। मुरुगन के इस्तीफे की मांग के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।

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