स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय
राज्य ब्यूरो, पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शुक्रवार को विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में संस्थान में 1450 बेड की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके साथ ही इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू और वेंटिलेटर बेड की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
निर्माण कार्य से बढ़ेगी क्षमता
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 500 बेड के नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इस भवन में 250 बेड के दो ब्लॉक क्रियाशील हो चुके हैं। इससे सामान्य बेड, एचडीयू और आईसीयू बेड की संख्या में वृद्धि हुई है।
इसके अतिरिक्त 1200 बेड का एक और अस्पताल भवन निर्माणाधीन है। शेष 250 बेड के क्रियाशील होने और 1200 बेड के अस्पताल के पूरा होने के बाद कुल 1450 बेड और जुड़ जाएंगे।
इमरजेंसी व आईसीयू में मिलेगी राहत
मंत्री ने कहा कि नए बेड शुरू होने के बाद इमरजेंसी, आईसीयू और वेंटिलेटर वार्ड की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना आसान होगा।
उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में बेड की संख्या सीमित होने के कारण इमरजेंसी वार्ड में कभी-कभी मरीजों को बेड मिलने में परेशानी होती है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण दबाव भी बढ़ा है।
मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में आईजीआईएमएस में इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025 में कुल 50,284 मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया गया।
सकरा के विधायक आदित्य कुमार ने यह प्रश्न उठाया था। उन्होंने कहा कि बेड नहीं मिलने से मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और संस्थान में विधायकों के लिए कोटा निर्धारित करने की भी मांग की। |
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