ग्रामीणों में आक्रोश, बयाला खालसा के बिलौरी तोक तक बदहाल रास्ते। जागरण
जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। सोमेश्वर क्षेत्र के बयाला खालसा क्षेत्र के बिलौरी तोक में सड़क सुविधा के अभाव ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन की कठिन सच्चाई को सामने ला दिया। यहां एक बीमार बुजुर्ग को जर्जर और दुर्गम रास्ते के कारण ग्रामीणों को कंधों पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ा।
घटना ने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी और सरकारी दावों के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है। वह भी हाल तब है जब इस विधानसभा से विधायक रेखा आर्या पांच वर्ष राज्य मंत्री और वर्तमान में चार वर्षों से कैबिनेट मंत्री हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि 10 वर्षों से सड़क की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। बरसात के दिनों में रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
क्षेत्रवासी राजू भट्ट ने सरकार और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले दस वर्षों से भाजपा की सरकार है और क्षेत्र का प्रतिनिधित्व दो कार्यकाल से मंत्री कर रही हैं, इसके बावजूद गांव तक सड़क न पहुंच पाना गंभीर विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि यदि पक्की सड़क का निर्माण संभव नहीं है तो कम से कम मौजूदा मार्ग को दुरुस्त किया जाए, ताकि ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर मरीजों को ढोना न पड़े।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब गांव के अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुँचेगी
यह भी पढ़ें- अल्मोड़ा में पिकअप खाई में गिरी, बस को रास्ता देने में हुआ हादसा; पांच घायल |