तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। रेलवे का ओवरहेड लाइन (ओएचई) दुरुस्त करने पहुंचे दो अधिकारियों को सीबीआई ने तड़के चित्रकूट से दबोच लिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई रेलवे के टीआरडी विभाग में संविदा भर्ती के नाम पर चल रहे कथित रिश्वतखोरी के रैकेट की जांच के सिलसिले में की गई है। दोनों को टीम पूछताछ के लिए लखनऊ ले गई है।
जानकारी के अनुसार, खोह रेलवे स्टेशन की शंटिंग लाइन में ओएचटी तार ढीला होने की सूचना पर उरई स्थित रेलवे कार्यालय से डीईई टीआरडी शांतनु यादव और टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। दोनों ने गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे से अपराह्न दो बजे तक लाइन दुरुस्त करने का कार्य किया। इसके बाद वे चित्रकूट घूमने को रवाना हो गए और रात में एक होटल में ठहरे थे।
इसी दौरान सीबीआई लखनऊ की टीम को उनकी लोकेशन मिली। सीबीआई इंस्पेक्टर देवेश के नेतृत्व में टीम ने शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे चित्रकूट के सिविल इलाके में दबिश देकर दोनों को हिरासत में ले लिया। दोनों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया।
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बताते हैं कि इसी मामले में एसएसई टीआरडी बीएस पाल को उरई से गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ थाना चित्रकूट के प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों अधिकारियों को रेलवे परिसर से नहीं बल्कि सिविल क्षेत्र से पकड़ा गया है। सीबीआई की इस कार्रवाई से रेलवे महकमे में खलबली मच गई है। |
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