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गोरखपुर में ऑपरेशन तमंचा खामोश, फायरिंग बढ़ा रही खौफ

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फरवरी में हो चुकी है चार घटनाएं, हर्ष फायरिंग व पिस्टल टेस्टिंग में जा चुकी है दो की जान। जागरण



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिले में अवैध असलहों के खिलाफ चलाया गया ‘आपरेशन तमंचा’ अभियान अब ठंडा पड़ता नजर आ रहा है। तत्कालीन एडीजी अखिल कुमार के कार्यकाल में इस अभियान के तहत अवैध तमंचा लेकर घूमने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई थी, जिससे काफी हद तक लगाम लगी थी, उनके तबादले के बाद अभियान की रफ्तार धीमी पड़ गई है और फायरिंग की घटनाएं लोगों में खौफ बढ़ा रही है।

प्रत्येक घटना के बाद पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तमंचा बरामद कर जेल भेजा है, लेकिन अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तक पहुंचने की ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

सिर्फ फरवरी में तमंचे से फायरिंग की चार घटनाएं अब तक हो चुकी है। तीन फरवरी को गगहा में भाजपा नेता राधा मोहन सिंह न तमंचे से फायर किया गया, उनके पीठ में गोली लगी। गंभीर हाल में बीआरडी मेडिकल कालेज लाया गया। चिकित्सकों ने आपरेशन से गोली बाहर निकालकर उनकी जान बचायी। दूसरी घटना 12 फरवरी को बेलघाट थाना क्षेत्र में हुई।

जन्मतिथि की पार्टी में हर्ष फायरिंग करने वाले उरुवा के दो भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा, लेकिन उनके पास तमंचा किसने पहुंचाया, इसकी जाचं नहीं हुई। 14 फरवरी बलुआ बाबा मंदिर के पास हर्ष फायरिंग में गोली लगने से डीजे संचालक की मौत हुई। इसमें भी पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा। 15 फरवरी को चिलुआताल में पिस्टल टेस्टिंग में दोस्तों ने युवक को गोली मारकर हत्या कर दी।

जांच में सामने आया कि आरोपित विशाल को उसके मामा ने पिस्टल दिया था, लेकिन मामा के पास पिस्टल कहां से पहुंचा, इसकी जांच नहीं हुई। इसके पूर्व 25 जनवरी को झंगहा थाना के बड़की दुबौली गांव में भूमि विवाद में पंकज निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके पहले वर्ष 2025 में भी तमंचे से फायरिंग और गोली मारकर हत्या की कई घटनाएं हो चुकी है।

ये घटनाएं बता रहे है कि अपराधियों और युवओ के पास आसानी से तमंचा पहुंच रहा है और शौकिया फायरिंग कर युवा अपराधी बन रहे है। हालांकि पुलिस सभी मामलों में आरोपित को गिरफ्तार कर उनके पास से तमंचा बरामद कर अपनी पीठ थपथपा ली। लेकिन, तमंचे कहां से आ रहे है और जिले में उनका सप्लायर कौन है, उसके पास तक पहुंचने की कोशिश नहीं की।

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अभी तक नहीं पकड़ा गया तमंचा सप्लायर का मुख्य आरोपित
वर्ष 2025 में रामगढ़ताल थाना के तत्कालीन आजाद नगर चौकी प्रभारी तमंचा सप्लायर गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा था। इनके पास से अवैध तमंचे भी बरामद हुए थे। पूछताछ में सामने आया था कि ये वाट्सअप पर लोगों को तमंचा भेजते है, पसंद आने के बाद आनलाइन और नकद रुपये लेकर खरीददार के पास तमंचा पहुंचाते है।

इस दौरान पुलिस ने यह भी बताया था कि पकड़े गए सदस्यों का सरगना भी जिले का रहने वाला है, उसके पास बिहार समेत अन्य राज्यों से तमंचा आता है, जिसे उनके जरीए वह लोगों तक सप्लाई करता है।

इस दौरान पुलिस ने दावा किया था कि जल्द ही सरगना को गिरफ्तार कर मामले को जड़ से समाप्त किया जाएगा। लेकिन, मुख्य आरोपित अभी भी फरार है और तत्कालीन चौकी प्रभारी को थाना प्रभारी बनाकर अधिकारियों ने इनाम दे दिया।
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