मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाा, नई दिल्ली। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और इससे संबद्ध अस्पतालों में पिछले दो-तीन वर्षों से स्टाफ विशेषकर टेक्निकल स्टाफ के पदों पर कमी बनी हुई है। कर्मचारी यूनियन का आरोप है कि स्टाफ की कमी के कारण चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और कार्यरत कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है।
इस बीच सुरक्षा गार्ड इंचार्ज ने कॉलेज कर्मी के साथ मारपीट कर दी, इससे उनका गुस्सा भड़क गया और वे प्रदर्शन करने लगे। बृहस्पतिवार को कॉलेज डीन से हुई वार्ता के बाद उन्होंने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।
यूनियन अध्यक्ष पूजा शर्मा ने बताया कि कॉलेज में लगभग 270 टेक्निकल स्टाफ के स्वीकृत पद हैं, जिनमें से करीब 110 पद अभी भी रिक्त हैं। आरोप लगाया कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने टेक्निकल कर्मचारियों को क्लेरिकल कार्यों में लगाया जा रहा है। इससे सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
यूनियन के सुनील कुमार ने कहा कि जांच और डायग्नोस्टिक सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। सीमित स्टाफ को कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं, जिससे कार्यक्षमता और मनोबल दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
इन मुद्दों को लेकर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज कर्मचारी यूनियन आंदोलनरत थी। बृहस्पतिवार को कॉलेज की डीन मनीषा अग्रवाल के साथ यूनियन पदाधिकारियों की हुई बैठक के बाद उनसे मिले आश्वासन पर यूनियन ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, उनकी एक प्रमुख मांग स्वीकार कर ली गई है और आरोपित सुरक्षा गार्ड इंचार्ज को प्रबंधन ने हटा दिया।
दूसरी प्रमुख मांग टेक्निकल पदों की शीघ्र भर्ती को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि आश्वासन के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारियों को दोबारा कदम उठाने पर विचार करना पड़ सकता है। फिलहाल, बैठक के बाद स्थिति सामान्य है और कर्मचारी आगे की प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। |
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