डिग्री कॉलेज का शुभारंभ करते हुए सीएम भगवंत मान, दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, मंत्री हरजोत बैंस, हरभजन सिंह ईटीओ और पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अजनाला हलके के गांव बिक्राऊ में बहुप्रतीक्षित सरकारी डिग्री और वोकशनल प्रशिक्षण कॉलेज की नींव रख दी। इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ अजनाला और सरहदी क्षेत्रों के युवाओं को अब उच्च शिक्षा और रोजगारपरक तकनीकी प्रशिक्षण अपने ही इलाके में उपलब्ध होगा। कॉलेज की आधारशिला रखे जाने पर स्थानीय निवासियों और युवाओं में खुशी का माहौल देखने को मिला।
गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने अजनाला क्षेत्र के लोगों से सरकारी कॉलेज स्थापित करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री मान द्वारा आज नींव रखे जाने से यह वादा पूरा हो गया है और क्षेत्र में शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। यह कॉलेज अजनाला, राजासांसी और बाबा बकाला जैसे सरहदी हलकों के हजारों युवाओं के लिए भविष्य के अवसर खोलेगा।
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सरहदी इलाके के युवाओं के लिए सौगात
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि यह कॉलेज लगभग 75 वर्षों से लंबित मांग का परिणाम है और इसे सरहदी इलाकों के युवाओं के लिए ऐतिहासिक सौगात माना जा रहा है। धालीवाल ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के साथ हालिया बैठकों में सीमा के किसानों की जमीन से जुड़े महत्त्वपूर्ण मुद्दों का हल निकाला गया है, जिससे बॉर्डर बेल्ट के निवासियों को बड़ी राहत मिली है।
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युवाओं को विदेश नहीं, यहीं अवसर उपलब्ध होंगे
सीएम भगवंत मान ने संबोधन में कहा कि अच्छी शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण ही पंजाब के नौजवानों को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा साधन है। उन्होंने जोर दिया कि यह कॉलेज सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। सरकार का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों को शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं में आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने युवाओं को पंजाब में ही अपने लिए अवसर तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विदेश हमारे अनुकूल नहीं है, हमारी धरती को गुरुओं की चरण छोह प्राप्त है। युवाओं को अगर यहीं अवसर उपलब्ध करवाए जाएं तो वे विदेश ना जाकर यहीं अपना भविष्य बनाएं।
नींव पत्थर रखे जाने के बाद ग्रामीणों ने खुशी जताई और उम्मीद जताई कि कॉलेज के शुरू होने से युवाओं का पलायन भी कम होगा तथा क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएँ पैदा होंगी।
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