राजपुरा पुलिस ने 7 वर्षीय बच्चे को 24 घंटे में बचाया
जागरण संवाददाता, राजपुरा (पटियाला)। पटियाला की राजपुरा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर अपहरण किए गए 7 वर्षीय मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने आरोपी महिला, जिसकी पहचान ललिता (मूल निवासी बिहार) के रूप में हुई है, को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सबको हैरान कर दिया है।
शादी का झांसा और \“मामा\“ का जाल
पुलिस तफ्तीश में आरोपी महिला ललिता ने बताया कि वह पिछले 3 महीने से बच्चे के मोहल्ले में ही रह रही थी। उसने कबूल किया कि अमलोह में \“मामा\“ नाम से मशहूर एक व्यक्ति, जो नमकीन बेचने का काम करता है, उसने उसे शादी करवाने का झांसा दिया था। ललिता की एक सहेली ने उसकी पहचान इस 50 वर्षीय व्यक्ति से करवाई थी। \“मामा\“ ने शर्त रखी थी कि अगर वह उसे एक छोटा बच्चा लाकर देगी, तो वह उसकी शादी किसी अच्छी जगह करवा देगा। इसी लालच में आकर ललिता ने अपहरण की साजिश रची।
मजबूरी का फायदा उठाकर कराई वारदात
आरोपी महिला ने वारदात के लिए उस वक्त को चुना जब बच्चे का परिवार बेहद संकट में था। बच्चे के पिता बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती थे और मां लुधियाना के ईएसआई अस्पताल में पति की देखभाल कर रही थी। घर पर केवल दादी थी, जिन्हें उस दिन तेज बुखार था। जैसे ही बच्चा ट्यूशन से घर लौटा, ललिता ने मौका पाकर उसे बहला-फुसलाया और अपने साथ अमलोह ले गई।
पुलिस की टेक्निकल ट्रेसिंग ने पलटा पासा
बच्चे के गायब होने की सूचना मिलते ही थाना सिटी प्रभारी गुरसेवक सिंह एक्शन में आए। उन्होंने देर रात ही फोकल प्वाइंट चौकी इंचार्ज बलवीर सिंह के साथ रणनीति बनाई। टेक्निकल ट्रेसिंग की मदद से पुलिस को महिला की लोकेशन का पता चला। इंचार्ज बलवीर सिंह के नेतृत्व में एक टीम तुरंत अमलोह के लिए रवाना हुई और इससे पहले कि महिला बच्चे को \“मामा\“ के हवाले कर पाती, पुलिस ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
अनसुलझे सवाल: क्या यह मानव तस्करी का मामला है?
पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है कि आखिर उस मासूम का क्या किया जाना था? क्या यह मानव तस्करी का कोई बड़ा गिरोह है? क्या बच्चे को आगे बेचने या फिरौती के लिए इस्तेमाल किया जाना था?
थाना प्रभारी गुरसेवक सिंह ने बताया कि बच्चा परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपी महिला के खिलाफ अपहरण की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार आरोपी \“मामा\“ की तलाश में छापेमारी जारी है। वहीं, स्थानीय निवासियों ने राजपुरा पुलिस और विशेषकर थाना प्रभारी गुरसेवक सिंह की कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की है। |