पाकिस्तानी महिला सबा को न्यायिक हिरासत में कोर्ट से जेल ले जाते पुलिसकर्मी। जागरण
जागरण संवाददाता, मेरठ। लांग टर्म वीजा पर भारत आई पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत उर्फ नाजी उर्फ नाजिया को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बेटी ऐमन को क्लीनचिट दे दी गई।
पुलिस का कहना है कि नागरिकता अधिनियम के तहत पिता के भारतीय होने से बेटी ऐमन भी भारत की नागरिक मानी जाएगी, भले ही वह पाकिस्तान में जन्मी हो। पत्नी का वोटर आइडी कार्ड बनवाने के मामले में फरहत मसूद को भी आरोपित बनाने की तैयारी की जा रही है।
देहली गेट के कोठी अतानस निवासी रुकसाना ने एसएसपी को शिकायत देकर बताया था कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद ने पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत उर्फ नाजी से पाकिस्तान जाकर वर्ष-88 में निकाह किया था। दोनों को तीन संतान हुईं। वर्ष-93 में सबा पाकिस्तान गई थी। वहां उसने चौथी बेटी ऐमन फरहत को 25 मई 93 को जन्म दिया।
वापसी में उसने अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट पर ऐमन फरहत की एंट्री कराई और भारत वापस आ गई। यहां ऐमन का कैंट के प्रतिष्ठित स्कूल में एडमिशन कराया गया, लेकिन उसको भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई। सबा व ऐमन फरहत आज तक पाकिस्तानी नागरिक हैं। ऐमन अब मेरठ कचहरी में वकालत करती है।
आरोप है कि सबा ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऐमन का फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया। सबा ने वोटर लिस्ट में सबा मसूद व नाजिया मसूद के नाम से दो वोट बनवा लिए। दोनों नाम एक ही पाकिस्तानी महिला के हैं। मंगलवार को देहलीगेट पुलिस ने सबा फरहत को कोर्ट में पेश किया। उस पर फर्जी वोटर आइडी कार्ड बनवाने का आरोप है।
पुलिस जांच में सामने आया कि सबा फरहत के पास 2032 तक का पाकिस्तानी पासपोर्ट है और 2027 तक वीजा है। ऐसे में उस पर भारत में अवैध तरीके से रहने का आरोप नहीं बनता है। पुलिस ने फर्जी वोटर आइडी बनवाने के मामले में आरोपित बनाकर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से 14 दिन के रिमांड पर जेल भेज दिया।
आरोपित के अधिवक्ता ने रिमांड न बनने और सरकारी वकील ने रिमांड बनने को लेकर बहस की। काफी देर तक चली बहस के बाद आखिरकार सबा को जेल जाना ही पड़ा। पुलिस की केस डायरी में उसकी बेटी ऐमन को आरोपित नहीं बनाया गया है। |
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