Matric Exam 2026: भागलपुर के मोक्षदा इंटरस्तरीय स्कूल से मैट्रिक परीक्षा देकर बाहर निकलती छात्राएं
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Matric Exam 2026: जिले के 61 परीक्षा केंद्रों पर मंगलवार से मैट्रिक परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुई। पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा विषय की परीक्षा आयोजित की गई। जिला प्रशासन और बोर्ड की टीमों ने लगातार मॉनिटरिंग की। तीन स्तरों पर जांच की व्यवस्था रही और सघन तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया। हालांकि, पहले दिन दो अलग-अलग केंद्रों पर विवाद की घटनाएं सामने आईं, जिससे कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बनी।
गेट पर जांच के दौरान संदिग्ध परीक्षार्थी फरार
पहली घटना आदर्श केंद्र जिला स्कूल में हुई। प्रथम पाली में गेट पर एडमिट कार्ड और पहचान पत्र की गहन जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक परीक्षार्थी के चेहरे और एडमिट कार्ड पर लगी तस्वीर में अंतर पाया गया। सुरक्षा कर्मियों को संदेह होने पर उसे रोककर पूछताछ की गई।
बताया जाता है कि पूछताछ के दौरान उक्त परीक्षार्थी सुरक्षा कर्मियों से उलझ पड़ी और हाथापाई करते हुए मौके से फरार हो गई। सूचना मिलते ही केंद्राधीक्षक और अन्य अधिकारी सक्रिय हुए, लेकिन तब तक वह परिसर छोड़ चुकी थी। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित परीक्षार्थी की पहचान सुनिश्चित कर कार्रवाई की बात कही है। घटना के बाद केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
कहलगांव में शादीशुदा छात्राओं को रोके जाने पर हंगामा
दूसरी घटना कहलगांव अनुमंडल क्षेत्र के गुरुकृपा एकेडमी परीक्षा केंद्र की है। यहां दो छात्राओं को परीक्षा में बैठने से इसलिए रोक दिया गया क्योंकि उनके एडमिट कार्ड पर शादी से पहले की तस्वीर लगी थी, जबकि वे शादी के बाद परीक्षा देने पहुंची थीं। तस्वीर और वर्तमान स्वरूप में अंतर को आधार बनाकर उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया गया।
इस दौरान एक पदाधिकारी द्वारा कथित रूप से छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया, जिससे अभिभावकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। कुछ देर के लिए केंद्र के बाहर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। बाद में पहचान की पुष्टि होने पर दोनों छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी गई। इस मामले में संबंधित पदाधिकारी की शिकायत बिहार बोर्ड द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय और डीएम कार्यालय में की गई है। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कहलगांव के नौ केंद्रों पर 144 छात्राएं अनुपस्थित
कहलगांव के नौ परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में कुल 6,600 परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, लेकिन 6,456 ही उपस्थित हो सकीं। इस प्रकार कुल 144 छात्राएं अनुपस्थित रहीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शारदा पाठशाला में 16, गणपत सिंह उच्च विद्यालय में 14, सर सहाय बालिका उच्च विद्यालय में 31, उच्च विद्यालय कलगीगंज में 5, बी.पी. वर्मा कॉलेज में 8, मध्य विद्यालय गांगुली स्कूल में 15, गुरुकृपा एकेडमी में 19, हिमालयन एकेडमी में 18 तथा सरस्वती विद्या मंदिर में 18 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहीं।
करीब एक दर्जन छात्राएं विलंब से परीक्षा केंद्र पर पहुंचीं। निर्धारित समय के बाद पहुंचने के कारण उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जिससे वे परीक्षा से वंचित रह गईं और निराश होकर घर लौट गईं। प्रशासन की सख्ती का असर सभी केंद्रों पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
सख्त जांच, जूते उतरवाकर मिला प्रवेश
मैट्रिक परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाने के लिए इस बार सख्त नियम लागू किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तरों पर जांच की व्यवस्था रही। जूते पहनकर आए छात्रों से जूते उतरवाए गए। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संदिग्ध सामग्रियों की सघन तलाशी ली गई। आदर्श केंद्रों पर परीक्षार्थियों का गुलाब फूल देकर और टीका-चंदन लगाकर स्वागत किया गया। ‘ऑल द बेस्ट’ कहकर उनका उत्साहवर्धन किया गया, जिससे छात्रों में सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली।
प्रश्नपत्र आसान, छात्रों के खिले चेहरे
पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा की परीक्षा हुई। जिले में कुल 45,603 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 44,740 उपस्थित रहे। प्रथम पाली में 22,349 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 401 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में 22,391 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी और 462 अनुपस्थित रहे।
राय हरिमोहन ठाकुर उच्च विद्यालय केंद्र से परीक्षा देकर निकले छात्रों ने प्रश्नपत्र को आसान बताया। मध्य विद्यालय तिलवाड़ा के छात्र नवीन कुमार और गौतम कुमार ने कहा कि अधिकांश वस्तुनिष्ठ प्रश्न व्याकरण से थे, जो सरल और पाठ्यक्रम आधारित थे।
आदर्श केंद्र मोक्षदा से निकली छात्राओं मीनाक्षी, शबनम और रश्मि ने भी परीक्षा को संतोषजनक बताया। उनका कहना था कि प्रश्न पूरे सिलेबस से पूछे गए और तैयारी के अनुरूप थे। विद्यार्थियों ने विश्वास जताया कि उनके अच्छे अंक आएंगे। बुधवार को दोनों पालियों में गणित की परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसकी तैयारी पूरी होने की बात छात्रों ने कही।
देर से पहुंचने वाले शिक्षक और छात्र वंचित
विद्यालय परीक्षा समिति के सख्त निर्देशों का असर परीक्षा केंद्रों पर साफ दिखा। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले शिक्षकों और छात्रों को प्रवेश नहीं दिया गया। मारवाड़ी पाठशाला केंद्र पर प्रथम पाली में देर से पहुंचीं दो महिला शिक्षिकाओं को भी गेट से लौटा दिया गया। फोन पर संपर्क के बावजूद नियमों का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी गई। मारवाड़ी कन्या पाठशाला, बरारी उच्च विद्यालय, मिरजानहाट स्कूल और उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल असानंदपुर में भी देर से पहुंचे कई परीक्षार्थियों को प्रवेश से वंचित रहना पड़ा। लगभग एक दर्जन छात्र-छात्राएं विलंब के कारण परीक्षा नहीं दे सके।
नवगछिया में जाम की स्थिति
नवगछिया अनुमंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर भी परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। प्रथम पाली में 3,149 में से 50 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि द्वितीय पाली में 3,245 में से 67 अनुपस्थित पाए गए। नवगछिया बाजार क्षेत्र में तीन परीक्षा केंद्र एक ही सड़क पर होने के कारण प्रथम पाली में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अभिभावकों और वाहनों की भीड़ से जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने सुबह पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं होने की शिकायत की। कुछ ट्रैक्टरों के बाजार में प्रवेश करने से स्थिति और बिगड़ी। बाद में पुलिस प्रशासन की सक्रियता से यातायात सामान्य कराया गया।
निष्कासन शून्य, प्रशासन संतुष्ट
दोनों पालियों में निष्कासन की संख्या शून्य रही। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है। आगे भी सख्ती और अनुशासन बनाए रखा जाएगा ताकि परीक्षा निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके। कुल मिलाकर, कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी के बीच मैट्रिक परीक्षा का पहला दिन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, हालांकि कुछ केंद्रों पर हुई घटनाओं ने परीक्षा व्यवस्था की सतर्कता और सख्ती दोनों को उजागर किया। |
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