अत्याधुनिक डिजिटल शिक्षण आधारित बनेंगे स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र।
प्रहलाद तिवारी, बाराबंकी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब पढ़ाई का तौर तरीका बदलेगा। यहां पर डिजिटल माध्यम से शिक्षण सामग्री से पठन पाठन में बच्चों की रुचि और बढ़ेगी। एलईडी टीवी से छोटे बच्चे खेल-खेल में ककहरा सुगमता से सीखेंगे। इन केंद्रों को अत्याधुनिक स्मार्ट टेक्नोलॉजी से जोड़े जाने की तैयारी हो गई है।
15 ब्लॉक में 3056 आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रथम चरण में 538 केंद्र तय किए गए हैं। स्वामित्व कक्ष में संचालित संसाधनों से सक्षम केंद्रों का परिवेश बदला जाना है।
केंद्रों पर किताबों और तख्ती की जगह अब एलईडी टीवी से छोटे बच्चों को भविष्य के लिए तैयार किया जाना है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की अभिनव पहल से आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी शिक्षा केंद्र का सशक्त स्थल बनाया जा रहा है।
केंद्रों में तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के पंजीकृत नौनिहाल पढ़ते हैं, जिनके सर्वांगीण विकास को ध्यान में रख यह नई व्यवस्था लागू की गई है। चयनित केंद्रों में बिजली, पानी और पोषण वाटिका जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) किट वितरित की जा रही है। अब सीसी कैमरे भी लगाए जाएंगे, इससे बच्चों की उपस्थिति, गतिविधियों और केंद्रों के संचालन पर नजर रखी जा सकेगी।
- ब्लॉक-15
- केंद्र-3056
- भवन में संचालित -1209
- प्राथमिक स्कूल में संचालित-1211
- किराए के भवन में संचालित-151
- पंचायत भवन में संचालित-485
क्या कहते हैं अधिकारी
मांटेसरी स्कूलों की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित किया जा सकता है। एलईडी आधारित शिक्षण प्रणाली से बच्चों में सीखने की रुचि और सहभागिता दोनों में वृद्धि होगी। आडियो-वीडियो माध्यम से अक्षर, अंक, रंग और आकृतियों की पहचान बच्चों को कराई जा सकेगी। बच्चों के बौद्धिक विकास संग उनकी भाषा और अभिव्यक्ति क्षमता भी सशक्त होगी। -राकेश मिश्रा, जिला परियोजना अधिकारी।
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