केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व आइटी मंत्री अश्विनी वैष्णव। (फाइल)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व आइटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने \“इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026\“ के पहले दिन आगंतुकों को हुई असुविधा के लिए आधिकारिक तौर पर माफी मांगी है और आने वाले दिनों में लोगों को बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने का वादा किया। भारत मंडपम में आयोजित इस समिट के उद्घाटन के दौरान भारी भीड़, लंबी कतारों और सुरक्षा संबंधी भ्रम के कारण कई प्रतिभागियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
\“असाधारण\“ जनसैलाब और चुनौतियां समिट के दूसरे दिन पत्रकारों से बात करते हुए वैष्णव ने कहा कि पहले दिन 70 हजार से अधिक लोग पहुंचे, जो दुनिया के किसी भी एआई समिट के लिए एक रिकार्ड है। उन्होंने कहा, “यह पूरी दुनिया का सबसे बड़ा एआई समिट है। इसकी प्रतिक्रिया अभूतपूर्व है और ऊर्जा महसूस की जा सकती है। यदि कल किसी को भी परेशानी हुई है, तो हम उसके लिए क्षमा चाहते हैं।\“\“
मंत्री ने आश्वासन दिया कि अब स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए एक \“वॉर रूम\“ बनाया गया है। उन्होंने टीम द्वारा दिन-रात काम करने की बात दोहराते हुए आगंतुकों से फीडबैक देने का भी आग्रह किया। सुरक्षा और चोरी की शिकायतें सम्मेलन के पहले दिन भारी भीड़ के कारण मोबाइल डाटा कनेक्टिविटी ठप हो गई और सुरक्षा जांच में घंटों का समय लगा।
सबसे बड़ी अव्यवस्था प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे से ठीक पहले देखी गई। स्टार्टअप \“नियो सेपियन\“ के सीईओ धनंजय यादव ने इंटरनेट मीडिया पर आपबीती साझा करते हुए बताया कि सुरक्षाकर्मियों के निर्देश पर स्टॉल खाली करते समय उनके पेटेंटेड एआई वियरेबल्स चोरी हो गए। यादव के अनुसार, उन्हें अपना सामान वहीं छोड़ने के लिए कहा गया था, लेकिन जब वह वापस लौटे तो सामान गायब था।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
अव्यवस्था पर कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए कहा कि भारत की डिजिटल और एआई क्षमताओं को दुनिया के सामने दिखाने का यह बड़ा मौका पूरी तरह अराजकता में बदल गया। खरगे के मुताबिक, समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री के फोटो खिंचवाने के कार्यक्रम के कारण संस्थापकों, प्रदर्शकों और आगंतुकों तो भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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