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उत्तराखंड में शहरी परिवहन का नया युग: देहरादून मेट्रो, हरिद्वार रोपवे से सुगम होगा आवागमन

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सांकेतिक तस्वीर।



राज्य ब्यूरो, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश की शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

आवास सचिव डा. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें देहरादून और हरिद्वार सहित ऋषिकेश क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं की प्रगति पर गंभीर मंथन हुआ।

बैठक में उत्तराखंड मैट्रो रेल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और विभिन्न परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया।
त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे को मिली अहम स्वीकृति

बैठक में जानकारी दी गई कि त्रिवेणी घाट से नीलकंठ मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना को आवश्यक अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। निगम की ओर से स्टेज-एक फारेस्ट क्लीयरेंस के लिए आवेदन भी कर दिया गया है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाएगी बल्कि पर्वतीय यातायात दबाव को कम करने में भी सहायक होगी।
हरिद्वार में इंटीग्रेटेड रोपवे और पीआरटी सिस्टम

हरिद्वार शहर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना (डीडीयू पार्किंग-चंडी देवी-मनसा देवी एवं मल्टीमाडल हब) की डीएफसी कराये जाने के लिए अनुरोध किया गया। सचिव ने 18 फरवरी तक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
यह चार कारिडोर प्रस्तावित हैं

इस परियोजना में 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं तथा कुल लंबाई 20.73 किमी होगी। यह योजना विशेष रूप से तीर्थ सीजन के दौरान यातायात प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

  • सीतापुर से भारत माता मंदिर
  • सिटी अस्पताल से दक्ष मंदिर
  • लालतारा चौक से भूपतवाला
  • गणेशपुरम से डीएवी पब्लिक स्कूल

देहरादून में 31.52 किमी का मेगा कारिडोर बनेगा

देहरादून शहर में प्रस्तावित ई-बीआरटीएस परियोजना के अंतर्गत दो कारिडोर प्रस्तावित हैं। प्रथम कारिडोर आइएसबीटी से रायपुर तक होगा, जिसमें 35 स्टेशन प्रस्तावित हैं और कुल लंबाई 31.52 किमी होगी। बैठक के उपरांत सचिव ने निगम अधिकारियों के साथ प्रथम कारिडोर का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
तीन प्रमुख कारिडोर जो प्रस्तावित हैं

  • क्लेमेंटटाउन से बल्लूपुर चौक
  • पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन
  • गांधी पार्क से आइएसबीटी पार्क

17 स्टेशन का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण

बैठक के उपरांत सचिव की ओर से निगम के अधिकारियों के साथ प्रथम कारिडोर (आइएसबीटी से मसूरी डायवर्जन, कुल 17 स्टेशन) का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित आईएसबीटी स्टेशन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
पार्किंग पालिसी और समन्वित विकास पर जोर

सचिव ने उत्तराखंड की कार पार्किंग पालिसी-2022 का गहन अध्ययन कर भविष्य की सभी शहरी परिवहन परियोजनाओं में समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

उनका मानना है कि बिना पार्किंग प्रबंधन के कोई भी ट्रांजिट सिस्टम प्रभावी नहीं हो सकता। सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि त्रिवेणी-नीलकंठ रोपवे और हरिद्वार रोपवे परियोजनाएं एडवांस स्टेज में हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र क्रियान्वित किया जाए।

बैठक में उत्तराखंड मैट्रो रेल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी पाठक, संयुक्त महाप्रबंधक (एचआर) कृष्णा नंद शर्मा मौजूद रहे।
शहरी परिवहन के नए युग की शुरुआत

आवास सचिव डा. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि उत्तराखंड में शहरी परिवहन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की तैयारी है।
परिवहन नेटवर्क विकसित करने पर फोकस

आवास सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को आधुनिक, सुरक्षित और सतत शहरी परिवहन व्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

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