search

वीडियोकॉन मोजाम्बिक ऑयल डील: वेणुगोपाल धूत सहित 13 को ईडी मामले में कोर्ट का नोटिस

cy520520 Yesterday 17:56 views 93
  

वीडियोकॉन मोजाम्बिक ऑयल डील पर कोर्ट का फैसला। (सांकेतिक तस्वीर)



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राऊज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने वीडियोकॉन मोजाम्बिक ऑयल डील से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दायर अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लिया है। अदालत ने उद्योगपति वेणुगोपाल धूत और 12 अन्य व्यक्तियों व संस्थाओं समेत कुल 13 आरोपितों को नोटिस जारी किए हैं। यह शिकायत दिसंबर 2024 में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दायर की गई थी।

ईडी की जांच जून 2020 में दर्ज सीबीआई की प्राथमिकी पर आधारित है। एजेंसी के मुताबिक, वीडियोकान समूह ने विदेशी तेल एवं गैस परिसंपत्तियों के विकास और रीफाइनेंसिंग के लिए जो विदेशी मुद्रा ऋण सुविधाएं ली थीं, उन्हें व्यवस्थित तरीके से निर्धारित उद्देश्य से हटाकर अन्य कामों में लगाया गया।
क्या है पूरा मामला?

ईडी के अनुसार, इन फंड्स के लिए स्टैंडबाय लेटर आफ क्रेडिट (एसबीएलसी) भारतीय बैंकों के एक कंसोर्टियम द्वारा स्वीकृत किया गया था, जिसकी अगुवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने की थी। आरोप है कि समूह के प्रमोटरों के नियंत्रण और दिशा में, विदेशी इकाइयों और बिचौलियों की सक्रिय भूमिका के साथ धन का दुरुपयोग किया गया।

जांच में सामने आया कि ऋण राशि को पहले वीडियोकाल हायड्रोकार्बन होल्डिंग्स लिमिटेड (वीएचएचएल) और उसकी विदेशी तेल-गैस सहायक कंपनियों के जरिए घुमाया गया। इसके बाद इन रुपयों को ऐसी विदेशी समूह कंपनियों के नेटवर्क में परत-दर-परत ट्रांसफर किया गया, जिनका तेल-गैस कारोबार से कोई संबंध नहीं था।

ईडी का दावा है कि सर्कुलर ट्रांजैक्शन, एक्सपोर्ट एडवांस एडजस्टमेंट, इंटर-कंपनी लोन और निवेश के जरिए रकम को भारत वापस लाया गया और गैर-तेल कारोबार के खर्च, निवेश, व्यक्तिगत व कार्पोरेट परिसंपत्तियों के निर्माण में लगाया गया।
एनपीए घोषित हो गए थे समूह कंपनियों के खाते

एजेंसी के मुताबिक, करीब 4.54 अरब डॉलर की कुल ऋण सुविधा में से लगभग 2.02 अरब डालर गैर-निर्धारित उद्देश्यों के लिए डायवर्ट किए गए। बाद में इन रकमों को वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी भारतीय समूह कंपनियों के खातों में एक्सपोर्ट एडवांस, लोन रीपेमेंट या इक्विटी इन्फ्यूजन के रूप में दिखाकर वैध आय की तरह पेश किया गया।

2018 में वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी समूह कंपनियों के खाते एनपीए घोषित हो गए थे। बैंकों ने कुल 61,773.02 करोड़ रुपये के दावे दाखिल किए हैं, जिनमें से 23,647.12 करोड़ रुपये केवल एसबीएलसी सुविधा से जुड़े एनपीए के हैं।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
159220