झारखंड में बढ़ते गैंगवार के चलते विक्रम शर्मा ने पकड़ी थी उत्तराखंड की राह।
जागरण संवदादाता, देहरादून। झारखंड के गैंग्सटर विक्रम शर्मा की देहरादून के सिल्वर सिटी माल में शुक्रवार को गोली मारकर की गई हत्या के बाद उसका स्टोन क्रशर काफी चर्चा में है।
बाजपुर स्थित इस स्टोन क्रशर की अनुमति को लेकर भी तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। अब इसका जवाब के आदेश के रूप में बाहर आया है।
यह आदेश विक्रम के भाई अरविंद शर्मा की कंपनी को स्टोन क्रशर की अनुमति देने का है। जिसके संचालन का जिम्मा विक्रम की पत्नी सोनिया शर्मा के पास है।
स्टोन क्रशर की अनुमति का आदेश वर्ष 2013 का है, जिसमें कहा गया है कि विभिन्न शर्तों के साथ अमृत स्टोन क्रशर प्राइवेट लिमिटेड को अनुमति दी जाती है।
बताया जा रहा है कि यह वही दौर था, जब झारखंड में कई गैंगवार हुए और पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद विक्रम ने उत्तराखंड की राह पकड़ी, ताकि नये सिरे और सुरक्षित ढंग से अपने पांव पसार सके।
संभव है कि इसी तरह के धंधों के लिए अनुमति प्राप्त करके विक्रम में उत्तराखंड और राजधानी देहरादून में भी अपनी जड़ें गहरी की। वर्तमान में वह परिवार के साथ सहस्रधारा रोड स्थित ग्रीन व्यू रेजिडेंसी में रह रहा था।
जेल से हत्या की योजना बनाने का अंदेशा
विक्रम शर्मा हत्याकांड मामले में पुलिस तमाम एंगल पर जांच कर रही है। पुलिस जांच में जेल से हत्या की साजिश रचने की जानकारी पुलिस के हाथ लगी है।
पुलिस सरगना व मददगारों पर शिकंजा कसकर पूरे घटना क्रम से पर्दा हटाने के प्रयास में है। दून पुलिस जमशेदपुर पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से कई ठिकानों पर दबिश दे चुकी है।
पुलिस की शक की सुई कभी करीबियों तो कभी अखिलेश की तरफ घूम रही है। पुलिस काल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के जरिये पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले किन-किन नंबरों पर बातचीत हुई। |
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