देहरादून हवाई अड्डा।
संवाद सहयोगी, डोईवाला (देहरादून)। देहरादून एयरपोर्ट पर अब जल्द ही ओला, उबर और रैपिडो जैसे विभिन्न एप पर आधारित केब एग्रीगेटर की एंट्री देखने को मिलेगी। जिससे यात्रियों को आवागमन के कई विकल्प खुलेंगे।
वहीं इन एप आधारित टैक्सियों के एयरपोर्ट पर संचालन की सूचना पर स्थानीय टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
उनका कहना है कि उन्होंने अपनी भूमि एयरपोर्ट निर्माण के लिए दी है अब इन आनलाइन टैक्सियों के संचालन से उनका अब रोजगार भी छिनने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं पुलिस प्रशासन ने टैक्सी संचालकों को पत्र जारी कर बिना विधिक अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
जौलीग्रांट प्रीपेड टैक्सी सर्विस यूनियन ने उप जिलाधिकारी को पत्र भेज कर उनका हक, रोजगार संरक्षित करने की मांग की है।
टैक्सी व्यवसाय से जुड़े सभासद ईश्वर रौथान ने बताया कि आनलाइन टैक्सी संचालन से स्थानीय टैक्सी संचालकों का रोजगार ठप हो जाएगा इस तरह का निर्णय यहां के मूल निवासियों के अधिकारों का हनन है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं स्थानीय सभासद राजेश भट्ट ने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण व इसके विस्तार में यहां के लोगों ने अपनी भूमि दी है।जिसके बदले वह यहां पर रोजगार कर रहे हैं अब उनका रोजगार छीनने का यह प्रयास है।
वहीं देहरादून एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी ने बताया कि सरकार की ओर लाइसेंस प्राप्त कोई भी एप आधारित केब अपना संचालन एयरपोर्ट पर कर सकती है। उन्हें रोकने का अधिकार एयरपोर्ट अथारिटी को नहीं है। वहीं विरोध प्रदर्शन या अन्य मामले में कानून व्यवस्था की देखरेख का कार्य स्थानीय पुलिस का है । |
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