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Gold Tax Rules 2026: सोना खरीदने-बेचने पर लगता है कितना टैक्स? ज्वैलरी, ETF से गिफ्ट में मिले गोल्ड तक, समझें पूरे नियम

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Gold Tax Rules India: सोना खरीदने-बेचने से पहले जान लें नए टैक्स नियम: GST, कैपिटल गेन और छूट



नई दिल्ली| क्या आप सोना खरीदने या बेचने जा रहे हैं? अगर हां, तो पहले टैक्स के नियम (gold tax rules India) समझ लें, वरना आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। दरअसल, जुलाई 2024 में कैपिटल गेन में बदलाव हुआ था, जिसके बाद फिजिकल गोल्ड हो, ईटीएफ हो, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड हो या फिर दादी-नानी से मिला सोना हो, हर तरह के गोल्ड पर कोई न कोई टैक्स जरूर लगता है। इसलिए गोल्ड टैक्सेशन के ये नियम जानना बेहद जरूरी हो, क्योंकि ये आपको बड़े नुकसान से बचा सकते हैं।
गोल्ड खरीदने पर लगते हैं कौन-कौन से टैक्स?

  • अगर आप फिजिकल गोल्ड, ज्वैलरी (gold jewellery tax) या डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं तो आपको 3% GST देना होगा। इसके अलावा ज्वैलरी पर मेकिंग चार्ज के ऊपर 5% GST अलग से देना होगा।
  • अगर आप गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) और गोल्ड म्यूचुअल फंड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) खरीदते हैं तो आपको कोई भी GST नहीं देना पड़ेगा।
  • अगर आप सोना इम्पोर्ट करते हैं तो 6% कस्टम ड्यूटी देनी होगी।
  • विरासत में मिला सोना पूरी तरह टैक्स फ्री है, यानी भारत में इनहेरिटेंस टैक्स नहीं है।


हालांकि, गिफ्ट में मिला सोना अगर करीबी रिश्तेदार से है तो टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन गैर-रिश्तेदार से मिला सोना अगर एक साल में 50,000 रुपए से ज्यादा कीमत का है, तो उस पर इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस (Income from Other Sources) के तहत टैक्स देना होगा।

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सोना बेचने पर आपको कितना टैक्स देना होगा?

23 जुलाई 2024 के बाद सोने पर कैपिटल गेन टैक्स (gold capital gains tax India) के नियम बदल गए हैं। अब फिजिकल गोल्ड, ज्वैलरी, डिजिटल गोल्ड और म्यूचुअल फंड को 24 महीने से कम रखने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) माना जाता है, और 24 महीने से ज्यादा रखने पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG)।

गोल्ड ETF के लिए LTCG 12 महीने से ज्यादा होल्ड करने पर लागू होता है। STCG पर आपकी इनकम स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। LTCG पर इंडेक्सेशन के बिना 12.5% टैक्स लगता है।

सेक्शन 54F के तहत, सोने की बिक्री से होने वाले LTCG पर टैक्स छूट मिल सकती है, अगर पूरी बिक्री की रकम निर्धारित समय में एक रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदने में लगा दी जाए।

  • फिजिकल सोना, ज्वैलरी, डिजिटल गोल्ड, गोल्ड म्यूचुअल फंड: 24 महीने से ज्यादा होल्ड करने पर LTCG 12.5%
  • गोल्ड ईटीएफ (ETF): 12 महीने से ज्यादा होल्ड करने पर LTCG 12.5%।
  • सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): बजट 2026 के बाद नियम बदले हैं। अब सिर्फ वही SGB टैक्स फ्री होंगे जो प्राथमिक इश्यू में खरीदे गए हों और मैच्योरिटी तक लगातार होल्ड किए गए हों। सेकेंडरी मार्केट में खरीदे या मैच्योरिटी से पहले बेचे गए SGB पर होल्डिंग के हिसाब से STCG या 12.5% LTCG लगेगा।
  • इनहेरिटेड (विरासत में मिला) सोना: विरासत में मिला गोल्ड बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। खरीद कीमत और होल्डिंग पीरियड मूल मालिक की खरीद तारीख से गिना जाएगा। 24 महीने से ज्यादा पर 12.5% LTCG लागू होगा।

सोना बेचने पर टैक्स में कैसे मिल सकती है छूट?

अगर सोना बेचकर मिले पूरे पैसे से तय समय में घर खरीदा जाए, तो आयकर अधिनियम की धारा 54F के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट (gold investment tax saving) मिल सकती है।
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