शपथ ग्रहण में भारत को आमंत्रित कर बांग्लादेश ने की नए रिश्तों की शुरुआत (फाइल फोटो)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नए प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में भारत को आमंत्रित कर बांग्लादेश ने नए रिश्तों की शुरुआत की है। बांग्लादेश का यह निमंत्रण इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंधों में तल्खी आ गई थी।
यूनुस के समय अल्पसंख्यक हिंदुओं पर भी अत्याचार होते रहे, जिससे भारत असहज होता रहा। अब नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत को आमंत्रित कर बांग्लादेश ने पटरी से उतर चुके संबंधों को सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 17 फरवरी को बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष का इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेना भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच स्थायी मित्रता को रेखांकित करता है।
भारत की लोकतांत्रिक मूल्य
यह भारत की लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को भी दोहराता है, जो दोनों देशों को बांधे रखते हैं। साझा इतिहास, संस्कृति और पारस्परिक सम्मान से जुड़े पड़ोसी के रूप में भारत तारिक रहमान के नेतृत्व में चुनी गई सरकार का स्वागत करता है, जिसे जनता ने भारी बहुमत से जनादेश दिया है।
समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व मजबूत बनाने के लिए विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी ढाका जाएंगे। विदेश सचिव वहां बांग्लादेश के विदेश सचिव के साथ बैठक कर सकते हैं, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हो सकती है। ओम बिरला जब नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात करेंगे, तो विदेश सचिव उनके साथ मौजूद रहेंगे।
यह उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत की ओर से संबंधों को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संकेत है। बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन 17 फरवरी को वह मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ व्यस्त रहेंगे।
केंद्र सरकार ने लोकसभा अध्यक्ष और विदेश सचिव को भेजकर यह संदेश दिया है कि भारत बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को सामान्य बनाने और मजबूत करने में कोई देरी नहीं करना चाहता। इससे पहले, चुनावी जीत पर तारिक रहमान को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे फोन पर बात की थी, जो दोनों देशों के बीच सकारात्मक जुड़ाव का पहला संकेत था। मोदी ने जीत पर बधाई दी और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की प्रतिबद्धता दोहराई।
बांग्लादेश में बदलाव को सकारात्मक अवसर के रूप में देख रहा भारत
बीएनपी की चुनावी जीत के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक परिवर्तन का दौर शुरू हुआ है और भारत इसे एक सकारात्मक अवसर के रूप में देख रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, जल-साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर सहयोग आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
चुनाव परिणाम आने के बाद भी बीएनपी के कुछ नेताओं ने भारत में शरण लिए पूर्व पीएम शेख हसीना का मुद्दा उठाया है और आगे इस मुद्दे को लेकर नई सरकार क्या रवैया अपनाती है, यह बहुत कुछ दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करेगा। साथ ही तारिक रहमान सरकार से भारत यह भी गारंटी चाहेगा कि पूर्व की तरह बीएनपी के कार्यकाल में बांग्लादेश को भारत विरोधी गतिविधियों का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।
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