search

पर्यावरण, सामाजिक व शासन नियमों के अनुपालन पर होगी विशेष ऑडिटिंग, सरकारी कंपनियों को कसेगा कैग

deltin33 2025-11-20 12:06:06 views 473
  

ईएसजी अनुपालन पर सरकारी कंपनियों को कसेगा कैग (फाइल फोटो)



जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध सरकारी क्षेत्र की शीर्ष 30 कंपनियों (पीएसयू) की विशेष ऑडिट की तैयारी की है।

इस ऑडिट का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) मानदंडों के अनुपालन को परखना है। इसमें 18 गैर-सूचीबद्ध सरकारी कंपनियों की भी गहन जांच होगी।

कैग खास तौर पर यह देखेगा कि पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करने में सरकारी कंपनियां कितनी मुस्तैद हैं।ई यानी एनवायर्नमेंट (पर्यावरण) के तहत कंपनियों की कार्बन उत्सर्जन, जल प्रबंधन, वन संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण नीतियों की जांच होगी।

एस यानी सोशल (सामाजिक) पहलू में कर्मचारी कल्याण, लैंगिक समानता और सामुदायिक विकास योजनाओं का मूल्यांकन किए जाने की संभावना है। जी यानी गवर्नेंस (शासन) में बोर्ड संरचना, भ्रष्टाचार रोकथाम और वित्तीय पारदर्शिता पर नजर रखी जाएगी।

कैग ने स्पष्ट किया कि यह आडिट डिजिटल टूल्स और थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन के माध्यम से की जाएगी और रिपोर्ट संसद की लोक लेखा समिति को सौंपी जाएगी। यह घोषणा ऐसे समय की गई है, जब भारत में ईएसजी अनुपालन को लेकर वैश्विक दबाव बढ़ रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

सेबी के व्यावसायिक उत्तरदायित्व और स्थिरता रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क के तहत शीर्ष एक हजार सूचीबद्ध कंपनियों के लिए ईएसजी डिस्क्लोजर अनिवार्य है। लेकिन, कई पीएसयू को इससे छूट प्राप्त है।

जुलाई, 2025 में कैग की रिपोर्ट से पता चला है कि 20 दिग्गज पीएसयू में महिलाओं के निदेशक न होने और बोर्ड संरचना में खामियां हैं। इससे इनकी कारपोरेट गवर्नेंस पर सवाल उठे हैं।

डिप्टी कैग एएम बजाज ने बताया कि इस तरह की ऑडिटिंग से सरकारी कंपनियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और शासन को लेकर इनका रिकार्ड बेहतर होगा। साथ ही भारत के सतत विकास लक्ष्यों को मजबूत करने में यह कदम मील का पत्थर साबित हो सकता है।

इस तरह का कदम यह साबित करेगा कि कैग देश में बेहतर गवर्नेंस लाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। बजाज ने इन कंपनियों के नाम तो नहीं बताए, लेकिन इसमें एसबीआइ, ओएनजीसी, एनटीपीसी, बीपीसीएल और कोल इंडिया जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल होंगी। इनमें से कई कंपनियां ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं, जिन्हें पर्यावरण के लिए काफी संवेदनशील माना जाता है।

ये कंपनियां अपने स्तर पर पर्यावरण का पूरा ख्याल रखती हैं, लेकिन कैग जैसी संवैधानिक एजेंसी की जांच होने से इनकी सतर्कता और बढ़ेगी। गैर-सूचीबद्ध 18 कंपनियों में भी मुख्य रूप से ऊर्जा, खनन और रक्षा क्षेत्र की इकाइयां होंगी। साथ ही कुछ राज्य स्तरीय कोयला उत्पादक और जल विद्युत परियोजनाएं भी होंगी।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4510K

Credits

administrator

Credits
456239

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com