हरियाणा में पशु दवाओं की गुणवत्ता पर सख्त कार्रवाई। फाइल फोटो
नवनीत शर्मा, भिवानी। पशुओं के उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों और सूचनाओं के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। मिलावटी और घटिया गुणवत्ता की पशु दवाओं की आशंका को गंभीरता से लेते हुए ड्रग कंट्रोल विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है।
अभियान का उद्देश्य पशुओं के स्वास्थ्य की रक्षा के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को रोकना है।
ड्रग कंट्रोल विभाग की टीमों ने मेडिकल स्टोरों, पशु दवा विक्रेताओं और थोक दवा विक्रेताओं का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पशुओं के उपचार में प्रयुक्त विभिन्न कंपनियों की दवाओं के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं।
सभी सैंपल निर्धारित प्रक्रिया के तहत सील कर राजकीय प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं, जहां उनकी गुणवत्ता, शुद्धता और मानकों के अनुरूप होने की जांच की जाएगी। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खरीद, स्टॉक और बिक्री से संबंधित रिकार्ड भी खंगाले जा रहे
जांच अभियान के दौरान दवाओं की खरीद, स्टाक और बिक्री से संबंधित रिकार्ड भी खंगाले जा रहे हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त और प्रमाणित कंपनियों की दवाओं की ही बिक्री करें। सभी दवाओं के बिल, स्टाक रजिस्टर और बिक्री रिकार्ड अद्यतन और व्यवस्थित रखने के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न पाई जाए।
ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी मेडिकल स्टोर या विक्रेता के पास से मिलावटी, एक्सपायर्ड या बिना लाइसेंस की दवाएं पाई जाती हैं, तो संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
केवल अधिकृत मेडिकल स्टोरों से ही दवाएं खरीदें पशुपालक
ड्रग कंट्रोल विभाग ने पशुपालकों और आमजन से भी अपील की है कि वे पशुओं के इलाज के लिए केवल अधिकृत मेडिकल स्टोरों से ही दवाएं खरीदें। यदि कहीं भी संदिग्ध, मिलावटी या घटिया गुणवत्ता की पशु दवाओं की जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि जनहित, पशु स्वास्थ्य और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
पशु दवाओं की गुणवत्ता को लेकर विभाग को लगातार शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं। इन्हीं के आधार पर प्रदेशभर में जांच अभियान तेज किया गया है। दवाओं के सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
यदि जांच में किसी भी स्तर पर मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। जिले में छह सैंपल लिए गए है, जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा है।
- सुरेंद्र कुमार, जिला ड्रग कंट्रोलर, भिवानी। |