आसन रामसर साइट में प्रवास पर विदेशी परिंदे। वन दारोगा
जागरण संवाददाता, विकासनगर (देहरादून)। देश के पहले कंजरवेशन रिजर्व व उत्तराखंड की पहली आसन रामसर साइट में शीतकालीन प्रवास पर आए प्रवासी परिंदों की कई प्रजातियों ने समय से पहले अपने लौटना शुरू कर दिया है।
इसकी वजह दिन रात के तापमान में अंतर को माना जा रहा है। 18 जनवरी 26 में एशियन वाटरबर्ड सेंसस (एडब्ल्यूसी) में 126 प्रजातियों के 5806 परिंदे प्रवास पर आंके गए थे।
अब इनकी संख्या घटकर पांच हजार के करीब हो गई है। समय से पहले रुडी शेलडक, कामन कूट, गैडवाल की वापसी हो रही है।
हालांकि सुखद यह रहा है कि पिछले साल की तुलना में भले ही 45 प्रजातियों के परिंदे कम आए हों, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इस बार 581 परिंदे प्रवास पर ज्यादा आए।
प्रवासी परिंदों में रुडी शेलडक यानि सुर्खाब की सर्वाधिक संख्या 983 आंकी गई थी। बार-हेडेड गूज, ग्रेलैग गूज, कामन पोचार्ड, फेरुगिनस डक, एशियन वूली-नेक्ड स्टार्क, पलास फिश ईगल आदि की संख्या भी अच्छी रही।
पिछले साल की तुलना में साइटस पर परिंदों की संख्या पिछले साल के मुकाबले ज्यादा आंकी गयी। डीएफओ वैभव सिंह के निर्देश पर प्रवासी परिंदों की सुरक्षा को वन टीम की रात दिन की गश्त जारी है।
वन दारोगा प्रदीप सक्सेना ने बताया कि रुडी शेलडक, कामन कूट व गैडवाल प्रजातियों के परिंदों की संख्या में कमी आई है।
खास बात यह है कि आसन रामसर साइट में सात संकटग्रस्त श्रेणी की प्रजातियां भी प्रवास पर हैं। इसमें स्टेप ईगल, कॉमन पोचार्ड, फेरुगिनस डक, इजिप्शियन वल्चर, पलास फिश ईगल, एशियन वूली नेक्ड स्टार्क, रिवर लैपविंग शामिल हैं।
आसन वेटलैंड में कब कितने परिंदे आए
- वर्ष 2021 में 55 प्रजातियों के 4497 परिंदे।
- वर्ष 2022 में 49 प्रजातियों के 5680 परिंदे।
- वर्ष 2023 में 42 प्रजातियों के 4642 परिंदे।
- वर्ष 2024 में 141 प्रजातियों के 5230 परिंदे।
- वर्ष 2025 में 171 प्रजातियों के 5225 परिंदे।
- वर्ष 2026 में : 126 प्रजातियों के 5806 परिंदे।
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