प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। दहेज में लाखों रुपये लेने के बाद भी जब मन नहीं भरा तो अरोपितों ने विवाहिता के नाम मकान पर 20 लाख लोन ले लिया। इस लोन की किस्तों को विवाहिता के पिता ने चुकाया। इसके बाद फिर से 25 लाख रुपये की मांग की गई। दहेज में 25 लाख रुपये न दे पाने पर आरोपित पति और ससुरालीजनों से शहर में स्थित उसके घर में आकर मारपीट की। साथ ही तलाक दे दिया।
पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत करके मामले की जांच शुरू कर दी है। शहर की केजीएन कालोनी नंबर दो निवासी शाइस्ता परवीन ने पुलिस को शिकायती पत्र दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनका निकाह 11 दिसंबर 2017 को बरेली जिले के देवरनिया थाना क्षेत्र के ग्राम रम्पुरा निवासी सिराज पुत्र अकील अहमद से हुआ था।
कुछ समय बाद से ही पति, ससुर अकील अहमद, सास जरीना बेगम, ननद गुलफिशा प्रताड़ित करने लगे। दहेज की अतिरिक्त मांग की जाती रही। इस पर पिता ने वर्ष 2022 में ढाई लाख रुपये, जून 2024 में दो लाख रुपये, नवंबर 2024 में डेढ़ लाख रुपये, जनवरी 2025 में ढाई लाख रुपये समेत साढ़े आठ लाख रुपये आनलाइन पति को दिए।
इसके बाद भी उनका व्यवहार नहीं बदला। पति पीड़िता के नाम का मकान बेचने का दबाव बनाता था। दो साल पहले पति ने दबाव बनाया और मकान के कागजात इलाहाबाद बैंक मैगलगंज लखीमपुर में बंधक रखकर 20 लाख रुपये लोन ले लिया,जिसकी किश्तों को अदा करने के लिए मायके वालों पर दबाव डाला। पिता किश्त जमा करते रहे। इसके बाद 25 लाख रुपये और कार की मांग शुरू कर दी।
इसके बाद मारपीट कर 28 जनवरी को घर से निकाल दिया तो वह मायके वालों के साथ आ गई। एक फरवरी को दोपहर दो बजे ससुराल वाले मायके आए और दहेज की मांग फिर रख दी। इसके बिना घर ले जाने से इन्कार कर दिया। आरोप है कि पति ने मारपीट करते हुए तीन तलाक दे दिया। कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पति समेत चार आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की।
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