अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी। जागरण
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में लाल किला ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आए अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने को लेकर अदालत ने सुनवाई 27 मार्च के लिए टाल दी है।
साकेत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने बचाव पक्ष की ओर से दस्तावेजों की सूची मांगे जाने और स्थगन याचिका दाखिल किए जाने के बाद यह आदेश दिया। कोर्ट ने इस अर्जी पर ईडी को नोटिस जारी किया और सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी।
ईडी ने 16 जनवरी को फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों सहित करीब 140 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं। एजेंसी ने सिद्दीकी और उसके चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया है।
गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद
वहीं, इससे पहले पांच फरवरी को जालसाजी और यूनिवर्सिटी के संचालन में अनियमितताओं के आरोप में सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया था। नवंबर 2025 में छात्रों से ठगी से जुड़े मनी लाॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में है।
अभिभावकों को किया गुमराह
ईडी की जांच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की दो प्राथमिकी पर आधारित है, जिनमें आरोप है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने एनएएसी मान्यता और यूजीसी पहचान को लेकर भ्रामक दावे कर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया।
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एजेंसी के मुताबिक, 2018 से 2025 के बीच यूनिवर्सिटी ने 415.10 करोड़ रुपये का राजस्व दिखाया, जो घोषित वित्तीय स्थिति से मेल नहीं खाता। आरोप है कि छात्रों से ली गई फीस और जनता से जुटाए फंड को निजी उपयोग में डायवर्ट किया गया। |
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