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सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, वाराणसी: साइबर ठगों ने छात्र के नाम से फर्जी बैंक खाता खोल दिया। साइबर ठगी से हासिल 25 करोड़ उसमें जमा कर दिए। इसकी जानकारी होने पर छात्र स्तब्ध रह गया। उसके पिता ने साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज कराया है।
लखनऊ में रखने वाले अनुराग मिश्रा के नाम से खुला खाता और फर्जी कंपनी
लखनऊ के आरडीएसओ कलोनी, मानक नगर में रहने वाला अनुराग मिश्रा दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है। उसके पिता कमलेश कुमार मिश्रा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया बेटे का बैंक खाता आईसीआईसीआई बैंक के लखनऊ के हजरतगंज में है। बीते 17 जनवरी को, करोल बाग में यूपीआई के माध्यम से पुस्तकालय के खर्च के लिए 3,500 का भुगतान करने का प्रयास करया लेकिन अपर्याप्त शेष राशि के कारण लेनदेन विफल हो गया।
साइबर क्राइम थाना मुकदमा दर्ज करके मामले की कर रही जांच
इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से अपने खाते की जांच करने पर, उसमें 25 करोड़ 59 लाख15 हजार रुपये फ्रीज थे। उसने आईसीआईसीआई बैंक की हजरतगंज शाखा और जीएसटी आफिस पहुंचकर मामले की जानकारी दी। अनुराग मिश्रा को पता चला कि उसके पैन का दुरुपयोग करके आईसीआईसीआई बैंक की वाराणसी शाखा में करंट अकाउंट खोला है गया। जीएसटी विभाग में उत्तरा एंटरप्राइजेज नाम की कंपनी भी पंजीकृत की गई।
जीएसटी विभाग, वाराणसी की शिकायत के बाद बैंक खाता फ्रीज
कंपनी अशोक विहार कालोनी, सारनाथ रोड के पते पर पंजीकृत है। जीएसटी विभाग, वाराणसी की शिकायत के बाद बैंक खाता फ्रीज किया गया था। कमलेश कुमार का कहना है कि अनुराग को बैंक खाता खोलने और उसमें रुपये आने की जानकारी नहीं है। |
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