त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थानों के लिए केंद्र ने जारी किए 803.79 करोड़
राज्य ब्यूरो, पटना। पंचायती राज संस्थाओं के लिए अनटाइड अनुदान की दूसरी किस्त जारी हो गई है। यह राशि 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित थी। दूसरी किस्त में बिहार को कुल 802.40 करोड़ रुपये मिले हैं।
इसके साथ ही राज्य की तीन प्रखंड समितियों और सात ग्राम पंचायतों के लिए पहली किस्त के रोके गए हिस्से से 1.39 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिले हैं। इस तरह केंद्र से बिहार के लिए कुल 803.79 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। इस राशि से त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थानों के विकास को नई गति प्रदान करेगी।
बिहार ने केंद्र से 15वें वित्त आयोग से अनुशंसित अनुदान के अंतर्गत 803.79 करोड़, हेल्थ सेक्टर ग्रांट रूप में अवशेष 2622.65 करोड़ और पंचायत सरकार भवनों के क्रियान्वयन व रखरखाव के लिए प्रति वर्ष वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया था। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अंतर्गत केंद्रांश के अवशेष 83.00 करोड़ रुपये विमुक्त करने का आग्रह था।
इसके साथ ही जिला पंचायत संसाधन केंद्रों में कंप्यूटर लैब के सुदृढ़ीकरण और ई-गवर्नेंस कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन व पंचायत स्तर पर आइटी आधारित सेवाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत बजट में यथोचित वृद्धि की अपेक्षा की गई थी।
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह से 27 जनवरी को मिलकर बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने यह अनुरोध किया था। राशि जारी होने के बाद उन्होंने धन्यवाद दिया और कहा कि अब ग्राम पंचायतों में किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों को और गति मिलेगी। ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार निर्मित योजनाओं को धरातल पर तेजी से ला सकेंगी और तेजी से ग्राम पंचायतों का विकास सुनिश्चित होगा।
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